डीएनए परीक्षण : युवक 2018 में गुम हुआ, तीन साल बाद 2021 में कुएं में पोटली में पत्थरों के साथ मिला था कंकाल

-हत्या के कारण व आरोपितों की तलाश में जुटी पुलिस, स्वजन से फिर पूछताछ

-कन्नाौद के पास देवसिरालिया के खेत में बने कुएं में मिला था कंकाल

-मृतक की शिनाख्त किटिया गांव के विजेश गौंड के रूप में हुई थी

-स्वजन ने हत्या की आशंका नहीं जताई थी, सभी ने मान लिया था कि डूबने से मौत हुई होगी

पुनः स्मरण... कंकाल के साथ दो पत्थर, पर्स भी मिला था

-30 सितंबर 2018 को विजेश रात 11 बजे घर से निकला

-24 घंटे बाद नहीं मिला तो गुमशुदगी का प्रकरण दर्ज हुआ

-2 जनवरी साल 2021 में कुएं में मिला था कंकाल

-2 पत्थर के साथ बांधकर पोटली में फेंका गया था शव

-3 साल पानी में पड़े रहने से शरीर गल गया, सिर्फ हड्डियां

-6 पासपोर्ट फोटो और पर्स भी मिला था

-विजेश की मां सुमन बाई और कंकाल के डीएनए की जांच में पुष्टि हुई कि कंकाल विजेश का ही है

-प्रकरण दर्ज होने के करीब डेढ़ साल बाद पर्दाफाश हुआ कि विजेश की मौत डूबन से पहले हो चुकी थी

देवास-कन्नाौद (नईदुनिया प्रतिनिधि)। युवक के लापता होने के तीन साल बाद मिले कंकाल ने हत्या का सच सामने ला दिया है। पिछे साल मिले कंकाल की हड्डी को जांच के लिए भोपाल भेजा गया था। करीब डेढ़ साल बाद आई रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि युवक की मौत डूबने से नहीं नहीं हुई थी। उसकी हत्या कर शव को कुएं में फेंका गया था। मामले में 6 अगस्त 2022 को कन्नाौद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्रकरण दर्ज जांच शुरू कर दी है। फिर से स्वजन से पूछताछ शुरू हो गई है।

उल्लेखनीय है कि दो जनवरी 2021 को कन्नाौद थाना के देवसिरालिया के खेत में बने कुएं में एक पोटली के अंदर कंकाल मिला था। उसकी शिनाख्त किटिया गांव के 25 वर्षीय विजेश पुत्र पुनिया गौंड के रूप हुई थी। स्वजन ने किसी प्रकार की कोई आशंका नहीं जताई थी। इसके बाद पुलिस भी मानकर चल रही थी कि विजेश की डूबने से मौत हुई होगी, लेकिन भोपाल से आई हड्डियों को जांच रिपोर्ट ने सभी को चौंका दिया है। रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि विजेश की डूबने से पहले ही मौत हो चुकी थी। पुलिस मामले में भी अलर्ट हो गई है। संबंधितों से बयान लेने के साथ हत्या कारणों को ढूंढने और आरोपितों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए जुट गई है।

खेत पर जाने को बोलकर घर से निकला था विजेश

विजेश के भाई संतोष ने पुलिस को बताया था कि 30 सितंबर 2018 को रात 11 बजे भाई खेत पर जाने का कहकर घर से निकला था, लेकिन जब

संतोष अगले दिन खेत पर पहुंचा तो वहां विजेश नहीं था। पिता ने बताया कि विजेश तो खेत पर आया ही नहीं। उसका फोन भी बंद आ रहा था।

रिश्तेदारों से पूछताछ की गई, लेकिन सुराग नहीं लगने पर कन्नाौद थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।

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बाल्टी निकालने निकला तो पोटली मिली थी

2 जनवरी 2021 को लगभग दोपहर 2 बजे एक व्यक्ति खेत में बने कुएं में गिरी बाल्टी एवं अन्य कृषि उपकरणों को निकालने के लिए कुएं में उतरा था। कुएं में करीब 3 फीट पानी था। सामान निकालते समय उसका पैर एक पोटली से टकराया और जब उसने देखा तो अंदर हड्डियां थीं। उसके बाद उसने खेत पर काम कर रहे लोगों और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंची और पोटली को बाहर निकाला तो उसमें कंकाल था। दो पत्थर भी मिले थे। साथ ही पर्स में छह फोटो भी थे।

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देवी-देवताओं ने कहा कि- सुरक्षित है

भाई संतोष ने बताया कि भाई के लिए देवी-देवताओं के पास जाते थे। वो कहते थे विजेश सुरक्षित है। कहीं कंपनी में कार्य करने चला गया होगा। इसलिए हम कुछ हद तक निश्चित भी थी। कुएं के पास विजेश का जला हुआ पैंट भी मिला था। संतोष ने बताया कि विजेश की शादी तय हो गई थी, कुछ माह बाद शादी होने वाली थी। हमें किसी प्रकार की शंका नहीं है। गांव में भाई विजेश का कोई लड़ाई-झगड़ा भी नहीं था।

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मां-बेटे का डीएनए मिलाया गया

विजेश की शिनाख्ती के लिए मां सुमन का डीएनए मिलाया गया। तब जाकर पुष्टि हुई कि शव विजेश का ही है। इसके बाद जांच को आगे बढ़ाया गया, लेकिन शव स्वजन ने किसी पर शंका नहीं जताई थी और डूबने से ही विजेश की मौत मानकर चल रहे थे।

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पुराना मामला है। मामले में जांच की जा रही है। स्वजन से पूछताछ की जा रही है। डूबने से पहले ही मौत हुई है।

-शिवमूरत यादव

टीआइ कन्नाौद

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