देवास (नईदुनिया प्रतिनिधि)। अगले माह नवरात्र शुरू हो रहे हैं। शहर में छह बंगाली कलाकार मूर्ति बनाने में जुटे हैं। मूर्तियों में अब रंग भरना शेष है। सार्वजनिक दुर्गोत्सव समितियों द्वारा मूर्तियों की पहले से ही बुकिंग कराई जा चुकी है। एक मूर्ति को तैयार करने में सात से आठ दिन का वक्त लगता है। तय समय पर काम पूरा करने के लिए कलाकार प्रतिदिन 10 से 12 घंटे जुटे रहते हैं।

कलाकार संतोष पाल ने बताया कि हम पांच से लेकर नौ फीट उᆬंची मूर्तियां तैयार करते हैं। इस बार पांच से छह फीट की मूर्तियों की ज्यादा मांग है, हालांकि महामारी का असर भी नजर आ रहा है। पहले की तुलना में कम मूर्तियां तैयार हुई हैं। पाल ने बताया कि मूर्ति निर्माण के लिए तीन से चार माह पहले कोलकाता से देवास आ जाते हैं। मिट्टी भी कोलकाता से ट्रक के जरिए लाते हैं।

पुश्तैनी काम हैं

50 वर्षीय संतोष पाल ने बताया कि कोलकाता से कृष्णपाल, परिमल पाल, गोपाल पाल सहित छह सदस्य आए हैं। मूर्ति निर्माण उनका पुश्तैनी कार्य है। बचपन से ही मां की मूर्तियां बनाते आ रहे हैं। पिता ने इस कला को सिखाया है। अब हम इसे आगे बढ़ा रहे हैं। बच्चे भी इस कला से जुड़े हैं।

70 से ज्यादा मूर्तियां बनाते हैं

कलाकार गोपाल पाल ने बताया कि इस बार कारखाने में कम मूर्तियों का निर्माण हुआ है। हर साल 70 से ज्यादा मूर्तियों का निर्माण करते हैं।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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