*प्रतिदिन डेंगू की सैंपलों की जांच की प्लानिंग, जिले में अब तक मिल चुके 26 मरीज

देवास। जिले में डेंगू के खिलाफ बुधवार को प्रहार अभियान शुरू किया गया है। वहीं जिले में बुधवार को दो डेंगू के मरीज मिले हैं। जिला अस्पताल में जिले के दस संदिग्ध मरीजों की डेंगू जांच की गई थी। इसमें दो मरीजों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। इसमें एक मरीज बागली नगर का रहने वाला है। वहीं दूसरी मरीज शहर के वार्ड नगर में भी एक पुरुष की डेंगू की रिपोर्ट पाजिटिव आई है।

जिले में अब तक 26 मरीज सामने आ चुके हैं। जिसमें तीन मरीज अन्य जिले के हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डा. रश्मि दुबे ने बताया कि दो पाजिटिव मरीज मिले हैं। अभियान को लेकर गतिविधियां की जा रही हैं। वहीं सीएमएचओ डा. एमपी शर्मा ने बताया कि ओपीडी में आने वाले बुखार के मरीजों की डेंगू जांच भी होगी। हफ्ते में अब सातों दिन डेंगू के सैंपलों की जांच की जाएगी।

प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाई

डेंगू, मलेरिया तथा चिकनगुनिया जैसी मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं बचाव के लिए पूरे प्रदेश के साथ ही देवास जिले में डेंगू पर प्रहार अभियान का शुभारंभ हुआ। देवास जिले में विधायक देवास गायत्री राजे पवार, विधायक हाटपीपल्या मनोज चौधरी तथा कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला ने मल्हार स्मृति मंदिर देवास से डेंगू पर प्रहार अभियान अंतर्गत डेंगू प्रचार रथ एवं आजादी के अमृत महोत्सव अंतर्गत स्वच्छता प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस दौरान सीईओ जिला पंचायत प्रकाश सिंह चौहान, नगर निगम आयुक्त विशाल सिंह चौहान, सीएमएचओ डा. एमपी शर्मा, जिला मलेरिया अधिकारी डा. रश्मि दुबे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। जिले में डेंगू मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिए टीम बनाई गई है। टीम प्रभावित क्षेत्रों में लार्वा, फीवर सर्वे करेगी। घरों के आसपास डेंगू मच्छरों के लार्वा को पैदा करने वाले स्थानों पर कीटनाशक का छिड़काव करेगी। प्रचार रथ डेंगू, मलेरिया तथा चिकनगुनिया जैसी मौसमी बीमारियों के बारे में लोगों को जागरूक करेगा।

वहीं आजादी का अमृत महोत्सव अंतर्गत स्वच्छता प्रचार रथ जिले के नागरिकों को स्वच्छता बनाये रखने के लिए प्रेरित करेगा। स्वच्छता प्रचार रथ जिले में ग्रामीणों क्षेत्रों में जाएगा और स्वच्छता का संदेश देगा। सीएमएचओ शर्मा ने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए जिले के नागरिक पानी से भरे बर्तन, टंकियों आदि का पानी सप्ताह में अवश्य बदलते रहें। कुएं, हैंडपंप, नल के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। गड्ढों का मिट्टी से भराव करें। पानी की निकासी कराकर मच्छरों के उत्पत्ति स्थल को नष्ट करें। लार्वा को पनपने नहीं दें।

Posted By: Nai Dunia News Network

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