सिरोल्या।ग्राम पंचायत सिरोल्या में पिछले 15 दिनों से भीषण जलसंकट बना हुआ है।जिसके चलते ग्रामीण दूर - दराज से पानी लाकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं।सात हजार की आबादी वाली पंचायत वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर पा रही है। जिससे ग्रामीण साइकिल, बैलगाड़ी, एवं टैंकरों से पानी की जलापूर्ति कर रहे हैं। गांव में कुल 15 बोरिंग है किंतु 8 बोरिंग चालू हालत में हैं।उनमें भी महज रुकरुक कर पानी आ रहा है। इस कारण स्थिति गंभीर हो गई है।दिनभर लोग पानी के जुगाड में परेशान होते हुए दिख रहे हैं। यहां के गायत्री नगर स्थित तिलहन संघ में लगे बोरिंग की मोटर 15 दिनों से पंचायत ने खराब होने के चलते निकाल कर दुकान पर दी हुई है। आज तक दुरस्तीकरण की हुई मोटर नहीं डाली गई है।जिससे क्षेत्र के ग्रामीण लामबंद हैं। जिसके चलते गायत्रीनगर, सिरोल्या के रहवासी 2 किलोमीटर दूर से पानी का इंतजाम कर रहे हैं। रहवासी लखन चौधरी, सत्यनारायण पटेल, भगवानलाल चौधरी, नीतू कारपेंटर आदि ने कहा कि पंचायत को कई बार इस बारे में हमने अवगत करवाया किंतु उन्होंने ध्यान नहीं दिया। ग्राम पंचायत की अनदेखी के चलते लोग खासे परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार समय पर काम नहीं करने के कारण हमें भीषण गर्मी में 43 डिग्री तापमान में खेतों पर जाकर कुएं पर से पानी लाना पड़ रहा है।मजदूर लोग साइकिल पर पानी के कूपें बांधकर दूर-दराज से गर्मी में पानी लाने को विवश हैं।

इनका का कहना...

पंचायत के प्रधान एवं सचिव प्रस्ताव बनाकर हमें देंगे तो उस पर हम विचार करेंगे। उसके निराकरण को लेकर प्लान बनाएंगे। मोटर खराब को लेकर पीएचई कुछ नहीं कर सकती, यह ग्राम पंचायत का काम है।

एलएस बोराना, पीएचई अधीक्षण यंत्री देवास

सचिव को बोला है

पेयजल योजना का जो पंचायत में फंड है।उसका ठहराव- प्रस्ताव बनाकर टीएस बनाते हैं। नई मोटर लाकर शीघ्र बोरिंग में डलवाएंगे। नई मोटर को लेकर मैंने सचिव को बोला है किंतु अभी तक जवाब नहीं मिला है।

- राकेश मंडलोई, सरपंच ग्राम पंचायत सिरोल्या

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close