देवास(नईदुनिया प्रतिनिधि)। आइटीआइ ग्राउंड पर निजी संस्था द्वारा संचालित किया जा रहे मेले में 7 मई को एक महिला टोरा-टोरा झूले से गिरकर घायल हो गई थी। औद्योगिक थाना पुलिस ने मेला प्रबंधक और झूला आपरेटर के खिलाफ 18 दिन के बाद केस दर्ज किया है। इतने दिनों के बाद केस दर्ज करने को लेकर भी कई लोग पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। जब से इस मैदान पर मेला प्रारंभ हुआ तब से ही मेला संचालक की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। मेला संचालक ने बाद में लोगों से मेले में प्रवेश के लिए 10 रुपये इंट्री फीस भी वसूली। इंट्री वसूलने का मामला देवास में पहली बार सामने आया। लोगों का आरोप है कि मेला संचालक सत्तापक्ष के नेताओं का करीबी होने से उसने अपनी मनमर्जी चलाई, इसलिए पुलिस ने भी दबाव में 18 दिन के बाद केस दर्ज किया।

औद्योगिक पुलिस के अनुसार 7 मई को रात करीब 9.30 बजे फरियादी आयुषी पति रवि निवासी ढांचा भवन देवास महोत्सव मेला में झूले से गिरकर घायल हो गई थी। पुलिस ने मेला मैनेजर शैलेंद्र जाट और झूले के आपरेटर पर धारा 287 और 337 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। उल्लेखनीय है कि आइटीआइ ग्राउंड पर लगे देवास महोत्सव मेला के संचालकों पर आरोप लगता रहा कि यहां पर एंट्री फीस के नाम पर अवैध वसूली की जा रही थी। लोगों से पैसे लेकर उन्हें उसकी रसीद तक नहीं दी गई और टैक्स चोरी भी की गई। बच्चों की जिद के आगे मजबूर माता पिता मेले में जाकर ठगा हुआ सा महसूस कर रहे थे। प्राइवेट मेला होने के बावजूद नगर निगम की फायर ब्रिगेड वहां पर सेवा में जुटी थी। मेले की विभिन्ना परमिशन के विषय में भी आम चर्चा थी कि कुछ पहुंच वाले लोगों ने इसमें मुख्य भूमिका निभाई थी। इधर औद्योगिक थाना टीआई अनिल शर्मा का कहना है कि मामले की जांच चल रही थी। मेडिकल भी प्राप्त नहीं हुआ था। जब जांच पूरी हो गई तो मामला दर्ज कर लिया है इसलिए समय लगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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