Madhya Pradesh News:अजय तिवारी, निसरपुर (नईदुनिया न्यूज)। कोरोना संक्रमण के बीच आक्सीजन को लेकर काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। अपने स्वजनों की जान बचाने के लिए लोग आक्सीजन के चार गुने अधिक दाम देने को तैयार थे। यहां तक कि मनमाने दाम देने के बावजूद लोगों को एक सिलिंडर तक नहीं मिल पा रहा था, लेकिन यही आक्सीजन हमें जिंदगीभर मुफ्त देने वाले पेड़-पौधों का महत्व हमने कभी नहीं समझा। आज हम आपको ऐसा उदाहरण बताएंगे कि पौधों पर किया गया खर्च कैसे आपकी जिंदगी बचा सकता है और करोड़ों रुपये की आक्सीजन बिल्कुल मुफ्त दिलवा सकता है।

प्राथमिक विद्यालय रसवा के शिक्षक जगदीश मांगरोलिया को क्षेत्र के लोग पर्यावरण प्रेमी के नाम से जानते हैं। मांगरोलिया मूल रूप से निसरपुर के निवासी हैं। वे जनसहयोग से अब तक विभिन्ना स्थानों पर 500 से अधिक पौधों का रोपण कर चुके हैं। इनमें से 200 पौधे तो अब पेड़ बन चुके हैं, जो हर साल 60 करोड़ रुपये की आक्सीजन हमें देते हैं।

इन स्थानों पर किया पौधारोपण

शिक्षक मांगरोलिया ने रसवा स्कूल में वर्ष 2007 में 50 पौधे लगाए थे। इनमें से अब 35 पेड़ बनकर लहलहा रहे हैं। 2003 से 2006 तक अंबेजी मंदिर निसरपुर की पहाड़ी पर 100 से ज्यादा पौधे रोपे और 75 पेड़ बना दिए। उरी हमले में शहीद हुए सैनिकों की याद में 40 पौधे रोपे थे। यहां मांगरोलिया में जनसहयोग से पौधों के लिए ट्री-गार्ड और हमले में शहीद हुए सैनिकों के नाम, पद और गांव के नाम लिखवाए गए हैं। मांगरोलिया प्रतिदिन सुबह स्कूल जाने से पहले दो से तीन घंटे व शाम को स्कूल से लौटकर आने पर दो से तीन घंटे पौधों की देखरेख में समय देते थे। उन्होंने पुनर्वास स्थल पर पानी की समस्या के चलते अपनी बाइक से दो से ढाई किलोमीटर दूर से लाकर पौधों को पानी पिलाया है।

पानी की समस्या के चलते जुगाड़ से पांच लीटर के प्लास्टिक की डिब्बों में पानी भरकर पौधों के ऊपर लटकाया। इस तरह ड्रिप पद्धति से पानी देकर भीषण गर्मी के दौर में पौधों को जिंदा रखा। स्वजनों के पुराने कपड़े फाड़कर पौधों को छाया दी। मांगरोलिया ने पौधों की अपने बच्चों की तरह देखभाल की, तभी ये पौधे अब पेड़ के रूप में लहलहा रहे हैं। इसी तरह शिक्षक मांगरोलिया ने उरी शहीद मार्ग पर 2016 में 40 पौधे, मेधा मार्ग पर नौ, पुलिस चौकी ग्राउंड में 405, ओपन मार्केट में 10 पौधे 2018 और 2019 में लगाए थे। पुनर्वास स्थल स्थित आफिसर कालोनी में 10 पौधे 2020 में लगाए गए। अब भी उनका यह काम निरंतर जारी है।

ये फायदे हैं पौधों के

पीपल, नीम व बड़ आक्सीजन देते हैं। सबसे ज्यादा आम और जामुन के पौधे फल देते हैं। आयुर्वेद में भी इनका विशिष्ट स्थान है। अर्जुन छाल हार्टअटैक बीमारी में फायदेमंद है। यह खून पतला करता है। महुआ के फलों से नशीला पदार्थ बनता है। अमलतास की फलियां दस्त में लाभदायक होती है। कटहल फल की सब्जी खाने के काम में आती है।

इस तरह समझिए आक्सीजन का गणित

2018 में की गई स्टडी के अनुसार 24 घंटे में एक पेड़ 230 लीटर आक्सीजन देता है। 35 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से 230 लीटर आक्सीजन की एक दिन की कीमत हो गई 8050 रुपये। इस तरह 365 दिन यानी एक साल में एक पेड़ 30 लाख रुपये की आक्सीजन हमें देता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local