शैलेंद्र लड्ढा सुसारी (नईदुनिया)

खंडवा-बड़ौदा अंतरप्रांतीय मार्ग का कुक्षी-बड़वानी टोल मार्ग हादसों का मार्ग बन चुका है। पिछले 11 माह में इस मार्ग पर 65 दुर्घटनाओं में 16 लोगों की मौत व 45 लोग घायल हो चुके हैं। मार्ग पर यातायात के लगातार बढ़ते दबाव के साथ दुर्घटना के छह ब्लैक स्पॉट बन चुके हैं, जहां दुर्घटनाएं होती रहती हैं। 44 किमी के इस मार्ग में कहीं पर मार्ग सात मीटर, तो कही साढ़े पांच मीटर ही चौड़ा होने से अधिक दुर्घटनाएं हो रही हैं।

साल 2011 में खंडवा-बड़ौदा अंतरप्रांतीय मार्ग-26 का बड़वानी नगर से आलीराजपुर जिले के गुजरात सीमा चांदपुर तक 99 किमी का मार्ग दो भागों में एमपीआरडीसी ने बनाया है। इसमें से एक भाग कुक्षी से बड़वानी का 44 किमी का है, तो दूसरा भाग आली से चांदपुर तक 55 किमी का है। इसमें कुक्षी से बड़वानी तक का टोल मार्ग लगातार दुर्घटनाओं का सबब बन रहा है। 10 साल बीतने के बाद भी अभी तक मार्ग का पूर्ण रूप से डामरीकरण नहीं हुआ है। जहां मार्ग खराब हो जाता है, वहां उसकी मरम्मत या कुछ दूर तक नवीनीकरण कर दिया है।

इन छह स्थानों पर अक्सर होती हैं दुर्घटनाएं

कुक्षी-बड़वानी टोल मार्ग पर बड़वानी बायपास तिराहा, नर्मदानगर के समीप मोड़, पिपलिया गांव में मोड़, निसरपुर पुलिस चौकी के सामने मोड़, भीलसुर फाटा पर मोड़ व सुसारी कुक्षी के मध्य मार्ग। ये छह स्थान ब्लैक स्पॉट बन चुके हैं, जहां लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। दो साल पहले टोल कंपनी ने इन ब्लैक स्पॉटों पर हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कार्ययोजना बनाकर प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अभी तक इसका किसी भी तरह का कोई निराकरण नहीं हो पाया है। पिछले 11 माह में 16 लोगों की मौत अलग-अलग दुर्घटनाओं में हो चुकी है।

एक समान नहीं है मार्ग की चौड़ाई

कुक्षी-बड़वानी टोल मार्ग की चौड़ाई एक समान नहीं होने से भी वाहन चालक भ्रम में रहते हैं। मार्ग के आली से भीलसुर फाटे तक की चौड़ाई साढ़े पांच मीटर है। वहीं मार्ग के मध्य सिलकुआं व कुक्षी में जो सीमेंटीकरण मार्ग बना है, उसकी चौड़ाई सात मीटर है। भीलसुर से बड़वानी तक डामरीकरण मार्ग है, उसकी चौड़ाई सात मीटर है। ऐसे में अचानक जब मार्ग की चौड़ाई कम हो जाती है, तो वह दुर्घटनाओं का सबब बन जाती है।

मार्ग का सुसारी से कुक्षी तक का हिस्सा डेंजर जोन

सुसारी से कुक्षी तक का तीन किमी का टोल मार्ग का सबसे व्यस्ततम हिस्सा होने के साथ दुर्घटनाओं वाला मार्ग बन चुका है। उक्त तीन किमी का हिस्सा सीधा सपाट होने के बाद भी मार्ग पर यातायात का बढ़ता दबाव व कुक्षी नगर का मनावर-बाग बायपास का तिराहा मार्ग के मध्य में होने से यातायात का दबाव काफी बढ़ गया है। मार्ग की चौड़ाई महज साढे पांच मीटर होने से मार्ग पर जैसे ही वाहन ओवरटेक करते हैं, तो सामने से आ रहे वाहनों से भिड़ंत होने से दुर्घटना हो जाती है।

सुसारी-कुक्षी के मध्य यदि मांग की जाती है, तो मार्ग की चौड़ाई बढ़ सकती है। जो छह स्थान ब्लैक स्पॉट बन चुके हैं, उनके सुधार के साथ मार्ग के कुछ हिस्सों का नवीनीकरण किया जा चुका है। बाकी का भी प्रस्ताव भेजा है।

-बिनोद सिंह, मेंटेनेंस प्रभारी, कुक्षी-बड़वानी टोल मार्ग

Posted By: Nai Dunia News Network

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