बाग (नईदुनिया न्यूज)। निजी स्कूल संचालक की मनमानी के विरोध में गरीब परिवार ने जनसुनवाई में आवेदन दिया है। इसकी जांच का जिम्मा शिक्षा विभाग को सौंपा गया है। स्कूल संचालक पर आरोप है कि बच्चों की पढ़ाई के दौरान फीस भरने के नाम पर कोरे चेक ले लिए और बाद में स्वजन को धमकी दी कि मैं आपका चेक बैंक में लगा दूंगा। इससे चेक अनादर होने पर आपको सजा हो जाएगी। मजबूरन स्वजन ने फीस भरी। पूर्व में भी इस स्कूल संचालक पर अनेक शिकायतें दर्ज हो चुकी है, लेकिन निजी विद्यालयों की मानीटरिंग कर रहे अधिकारियों की मिलीभगत से स्कूल संचालक के हौसले बुलंद हैं।

प्रजापति समाज के राजेश गोले ने बताया कि उसकी एक बेटी एवं दो बेटे नगर के सिटी कान्वेंट स्कूल में पढ़ते थे। सिटी कान्वेंट स्कूल संचालक ने मुझे लालच दिया कि हमारे स्कूल में तीन बच्चों को पढ़ाने पर एक बच्चे की स्कूल फीस माफ की जाएगी, लेकिन बाद में स्कूल संचालक मुकर गया। जैसे-तैसे मैंने 85 हजार रुपये फीस दी। इसमें मैंने 60 हजार रुपये जमा कर दिए और शेष राशि मुझे बाद में देने को कहा। बाद में जब मैं फीस नहीं भर पाया, तो दबाव बनाकर मुझसे दो कोरे चेक ले लिए, जिसमें मेरी साइन थी। मैंने फिर भी कहा कि मैं आपकी फीस भर दूंगा। मेरी बड़ी बेटी पलक ने 12वीं पास कर ली। उसे नौ माह तक पैसे के नाम पर एसएलसी नहीं दी। प्रजापति ने बताया कि मैंने कलेक्टर से मामले की शिकायत की है। जहां से शिक्षा अधिकारी को जांच के लिए भेजा है। इधर, स्कूल संचालक राजीव जायसवाल ने बताया कि हमने कोरे चेक जरूर लिए थे, क्योंकि उन्होंने स्कूल की फीस नहीं भरी थी। इधर, एक बात देखने में आ रही है कि बाग में निजी स्कूलों में बड़ी मनमानी चल रही है। स्कूल संचालक अनेक स्वजन पर दबाव बनाकर राजनीतिक पार्टियों के नाम पर गरीबों को डरा रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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