के सूर। नईदुनिया न्यूज

शनिवार दोपहर में बाग रसोई रविवार को रखने के ऐलान के बाद शनिवार रात व रविवार की सुबह जोरदार बारिश हुई। बारिश के बाद भी अनेक लोगों ने बाग रसोई का आयोजन कि या। लोगों का कहना था कि हमने भगवान को न्योता दिया है। बाग रसोई तो होगी, उसके बाद अनेक लोग जंगलों में पहुंचे और भोजन आदि बनाकर उसका भोग लगाया इधर नजदीक ग्राम बगड़ीताज व खाचरोदा में भी बाग रसोई की गई।

क्षेत्र में 16 दिन बीत जाने के बावजूद भी बारिश नहीं हो रही थी। लोग फसलों के लिए बेहद चिंतित हो चुके थे। खाचरोदा के अंकि त पाटीदार व के सूर के गोवर्धन राठौर ने बताया कि पानी नहीं गिरने की वजह से खरपतवार नाशक दवाएं भी काम नहीं कर पा रही थी। ऐसे में इस समय फसलों को बारिश की बेहद जरुरत है। इधर ग्राम बगड़ीताज में भी बारिश होने के बावजूद भी बाग रसोई की गई। ग्राम के लोग सपरिवार भोजन सामग्री लेकर जंगलों में पहुंचे और वहीं पर रसोई तैयार की ख़ासकर मालवा क्षेत्र में आयोजन के दौरान दाल बाटी बनाई जाती है। अनेक लोगों ने यही भोजन बनाया।

चित्र 21 के ईआर 02 ग्राम खाचरोदा में बाग रसोई बनाती परिवार की महिलाएं।

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बिजली गिरने से भंडारे का टेंट धराशायी

बखतगढ़। समीपस्थ ग्राम पिपलिया में 21 जुलाई को सुबह करीब 7 बजे बारिश के चलते बिजली गिरी। इसमें नीम के पेड़ का हिस्सा टूटा एवं बाबा रामदेव मंडल के भंडारे का तंबू धराशायी हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बिजली तेज गर्जना के साथ पहले नीम के पेड़ से सटती हुई भंडारे के टेंट पर गिरी। इससे टेंट का पाइप टूटकर गिर गया। संयोगवश तंबू के अंदर कोई भी नहीं था। अन्यथा कोई बड़ा हादसा हो सकता था। गौरतलब है कि उक्त भंडारा मंडल पिछले 4 वर्ष से बाबा रामदेव के दर्शनार्थ जाने के लिए मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों के लिए भंडारे की व्यवस्था प्रतिवर्ष कर रहे हैं। इसी के तहत 22 जुलाई को भंडारे के लिए तैयारी पूरी कर ली गई थी। कि ंतु एक दिन पूर्व ही टेंट बिजली की चपेट में आने से धराशायी हो गया। श्रद्धालु तंबू को फिर से व्यवस्थित लगाने में जुट गए। इसी के साथ पूर्व निर्धारित दिवस सोमवार से भंडारे का शुभारंभ होगा। इधर क्षेत्र में 15 मिनट हुई हल्की बारिश ने फसलों को जीवनदान दिया है। इससे कृषकों के चेहरे पर रौनक आ गई। कि ंतु अभी भी अच्छी बारिश होने का सभी को इंतजार हैं।

फोटो

21बीके एच02 ग्राम पिपलिया में भंडारे का धराशायी टेंट देखने के लिए लगी श्रद्धालुओं की भीड़।

कु क्षी। लंबी खेंच के बाद शनिवार रात्रि में नगर में लगभग 20 मिनट बारिश हुई। इससे कि सानों को राहत मिली। रविवार सुबह 7 बजे तक 24 मिमी वर्षा दर्ज कि गई। अभी तक कु ल 326 मिमी 13 इंच बारिश हो चुक ी है। गत वर्ष इस अवधि में 292 मिमी बारिश हुई थी।

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मौसम बदला, बारिश हुई

मनासा। दिनभर तपन के बाद दोपहर में मौसम परिवर्तन हुआ और बारिश का दौर शुरु हुआ। शनिवार रात में भी आधे घंटे बारिश हुई। इसके चलते कि सानों के चेहरे पर रोनक आ गई।

आंधी के साथ हुई बारिश, कि सानों के चेहरे पर छाई खुशी

टकरावदा। यहां रविवार अपराह्न 3 बजे आंधी के दौरान 30 मिनट तक तेज बारिश हुई। इससे कि सानों को काफी राहत मिली। बारिश की लंबी खेंच के चलते सिलोदाखुर्द, बालोदाखुर्द आदि गांवों के कि सानों द्वारा बाग रसोई का आयोजन कि या था। इसके बाद बारिश होते ही कि सानों के चेहरे पर खुशी की लहर छा गई।

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दसाई। नगर में रविवार को बाग रसोई का आयोजन कि या गया। इसके बाद बारशि हुई। इससे लोगों में खुशियां छा गई । क्षेत्र में बारिश की खेंच होने से कि सानों की चिंता बढ़ गई थी। बारिश के अभाव में फसलें मुरझाने लगी थी। शाम करीब 4 बजे बारिश होने पर हर वर्ग के चेहरे पर रौनक छा गई।

चित्र भेजा है। 03 से बाग रसोई के भोग लगाते ही इंद्रदेव ने बरसना प्रारंभ कि या। नगरवासियो ने बसरते पानी मे नहाने का आनंद लिया ।

एक घंटे जोरदार बारिश

नागदा। रविवार सुबह 5 बजे हल्की बारिश हुई। इसके बाद पुनः करीब 7 बजे से 8 बजे एक घंटे तक जोरदार बरसात हुई। सुबह 8 बजे धूप खिल गई। पानी से फसलों को काफी राहत मिली।

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नालछा/ क्षेत्र में रुठे इंद्र देवता को मनाने के लिए मान मन्नत का दौर जारी हैं। इसी कड़ी में रविवार को नालछा व ग्राम तलवाड़ा में बाग रसोई यानी उजमनी का आयोजन कि या गया। व्यापारियों द्वारा प्रतिष्ठान बंद रखकर गांव के सभी लोगों ने घर के बाहर खेतों में जा कर पूजा आराधना कर भोजन बनाकर ग्रहण कि या। इधर ग्राम तलवाड़ा में सुबह से ही आयोजन को लेकर ग्रामीण जुटे हुए थे उजमनी का आयोजन के बाद दोपहर पश्चात शाम 4 बजे सभी ग्रामीण व महिलाएं एकत्रित होकर गांव के बाहर काकड़ देवता पहुंचे। जहां से महिलाएं जल भरकर गांव में पहुंची व मंदिर में चढ़ाया। ऐसी मान्यता है कि काकड़ से जल देवता को मनाने के बाद गांव में लाया जाता हैं। इससे अच्छी बारिश होती हैं ढोल धमाके के साथ जुलूस निकाला गया।

21 एनएलसी01 ग्राम तलवाड़ा में काकड़ देवता का पूजा करने के साथ जल भरकर जुलूस के माध्यम से गांव में आए ग्रामीण

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बारिश से मुरझा रही फसलों को मिला जीवनदान

बदनावर। रविवार को हुई कु छ देर की बारिश से फसलों के लिए अमृत साबित हुई हैं। इससे कि सानों के चेहरे खिल उठे। बारिश की लंबी खेंच के कारण फसलें मुरझा रही थी वहीं बढ़ते तापमान सें कहीं कहीं फसलों में कीट व्याधियों का प्रकोप भी होने लगा था। लेकि न बारिश होने से कि सानों ने राहत की सांस ली हैं। उधर इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए लोगों ने अनेक जतन भी प्रारंभ कर दिए थे। रविवार को ग्राम काछीबड़ौदा, कारोदा, बालोदा, तिलगारा आदि गांवों में उजमनी मनाई गई। लोगों ने घर से बाहर खेत, खलिहानों में जाकर भोजन बनाया तथा इंद्रदेव को भोग लगाया। --------------------------