मोहनखेड़ा-धार (ब्यूरो)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के देश भर के प्रचारकों से संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि मोदी सरकार बनाकर एक लक्ष्य हम प्राप्त कर चुके हैं, पर अब इससे बड़ी चुनौती मौजूदा वोटबैंक को बरकरार रखने की है।

आनुषांगिक संगठनों की बैठक के उद्घाटन सत्र में भागवत ने कहा कि अब नए लक्ष्य के लिए काम शुरू करें। जिन लोकसभा क्षेत्रों में पहली बार विजयी हुए हैं उन पर खास फोकस किया जाए। पांच साल के लिए एक कार्ययोजना बनाएं और गांव से लेकर जिले तक स्वयंसेवकों की टीम बनाकर उसकी मानीटरिंग की जाए। लोगों से जीवंत संपर्क बनाकर उनका विश्वास जीता जाए।

दिन भर चली बैठक में 42 प्रांतों के प्रचारकों ने प्रतिनिधि सभा की बैठक से लेकर अब तक के कामकाज का लेखाजोखा प्रस्तुत किया गया । सूत्रों के मुताबिक मोहनखेड़ा में चाकचौबंद सुरक्षा के बीच शुरू हुई आरएसएस की बैठक के पहले दिन मूलतः आनुषांगिक संगठनों ने अपने कामकाज का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया ।

संघ के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में अलग-अलग समूह में हुई बैठक में संगठनों के प्रभारी प्रचारकों ने संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी दी और भावी योजनाओं का ब्यौरा प्रस्तुत किया ।इससे पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बैठक के औपचारिक सत्र का शुभारंभ किया।

बनाया नया रोड मैप

दिन भर वातानुकूलित सभा मंडप में देश भर के 172 प्रमुख संघ पदाधिकारियों के साथ भागवत ने पिछले कामकाज की रिपोर्ट पर चर्चा की। साथ ही अगले साल के रोडमैप पर अपने सुझाव भी दिए। देर शाम भागवत के निवास स्थल बाकरा भवन, राजहर्ष हेमेन्द्र भवन एवं ऋषभ राज भवन के सामने कोर ग्रुप के लिए बैठक व्यवस्था बनाई गई।

सुरेश सोनी शाम छह बजे टहलते हुए बाकरा भवन की पहली मंजिल स्थित भागवत के कक्ष में पहुंचे। भैयाजी जोशी वहां पहले से ही मौजूद थे। चाय नाश्ते के दौरान वहां दत्ताजी, मदन दास देवी, डॉ गोपाल एवं हस्तीमल भी जा पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे तक विचार मंथन का दौर चलता रहा। यह बैठक रात आठ बजे तक चली। इस दौरान 5 से 7 जुलाई तक होने वाली अभा कार्यकारी मंडल की रूपरेखा बनाई गई।

मेघराज की भूमिका़

गौसवंर्धन आयोग के पूर्व अध्यक्ष मेघराज जैन यहां संघ और मोहनखेड़ा तीर्थ के बीच सेतु की भूमिका में मौजूद है। संघ के अनुसार वे यहां व्यवस्थाएं जुटाने में लगे हैं। मोहनखेड़ा तीर्थ क्षेत्र में मौजूद आवास व्यवस्था और गोपनीयता के कारण ही संघ ने अपनी महत्वपूर्ण बैठक के लिए मध्यप्रदेश का चयन किया।

यह है दिनचर्या

अभा प्रांत प्रचारकों की बैठक में सभी दिग्गजों के लिए अलसुबह पांच बजे से लेकर रात 9 बजे तक की दिनचर्या तय की गई है। संघ के बुजुर्ग पदाधिकारियों को शाखा में आने से छूट दी गई है।

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