Dhar Dam Leakage: धार (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मध्‍य प्रदेश के धार जिले में कोठीदा गांव में कारम नदी पर निर्माणाधीन बांध में फिर संकट की स्थिति बनी है। बांध स्थल पर तेजी से पानी का बहाव हो रहा है और मिट्टी के बांध का कटाव शुरू हो गया है। बांध टूटने की आशंका के बीच में फिर से सारी तैयारियां शुरू की गई हैं।सभी 18 गांव खाली पहले से करवा लिए हैं. शाम 6:15 बजे अलग ही परिस्थिति निर्मित हो गई है।

जानकारी के अनुसार बांध लगभग फूटने की स्थिति में है। इससे 2 गांव के डूबने की स्थिति बन गई है। बांध से निकल रहा पानी बाढ़ का रूप ले चुका है। मुंबई आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग सहित सभी मार्ग बंद कर दिए गए हैं।

धार जिले के गांव कोठीदा में कारम नदी पर निर्माणाधीन बांध को सुरक्षित करने का प्रयास शनिवार देर रात करीब एक बजे सफल होता नजर आया। बांध की बगल में 42 घंटे से बनाई जा रही चैनल से पानी की निकासी रात करीब एक बजे शुरू हो गई। मिट्टी के बांध के नजदीक से तैयार की गई चैनल से बड़ी मात्रा में पानी निकल रहा है। इस तरह की कवायद से बांध सुरक्षित है और पानी भी निकलता जा रहा है। हालांकि पानी की निकासी के लिए अभी भी व्यापक स्तर पर काम करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। कारण यह है कि पानी बहुत कम गति से निकल रहा है। गनीमत यह है कि बारिश नहीं हुई है यदि बारिश होती तो इतना पानी निकलना एक सामान्य बात होती। फिलहाल संकट कम हुआ है।

जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, मंत्री राज्यवर्धन सिंह तथा धार जिले के प्रभारी मंत्री डा. प्रभुराम चौधरी ने हेलीकाप्टर द्वारा प्रभावित क्षेत्रों के ऊपर हवाई सर्वे कर स्थिति का जायजा लिया।

लगातार तीसरे दिन भी पानी के रिसाव से बांध के टूटने का जो खतरा बना हुआ था, उससे राहत जरूर मिली है। समानांतर चैनल खोदाई पर काम अनवरत जारी है, यह रविवार को पूर्ण करने का दावा किया जा रहा है। दरअसल, शनिवार सुबह से रिसाव बढ़ रहा था और बांध के पास पानी की निकासी के लिए जो चैनल बनाई जा रही थी, उसकी राह में सुबह करीब 11 बजे चट्टान आने से कार्य प्रभावित हो गया था। खतरे को देखते हुए शुक्रवार देर रात पहुंचे सेना के 200 जवानों ने व्यवस्था हाथ में ले रखी है। शनिवार को तीन बार सेना के हेलिकाप्टर से बांध स्थल का अवलोकन भी किया गया। धार-धामनोद समेत स्थानीय मार्गों को प्रशासन ने बंद रखा है। हालांकि, आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग को शुरू कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री शिवराज ने कलेक्टर से कहा... ये परीक्षा की घड़ी

भोपाल (राज्य ब्यूरो)। बांध की निगरानी की कमान खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संभाल ली है। शनिवार सुबह मंत्रालय स्थित सिचुएशन रूम से मुख्यमंत्री ने बांध की स्थिति को लेकर मौके पर मौजूद जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, उद्योग मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव सहित अधिकारियों से बात की। उन्होंने धार के कलेक्टर से कहा 'पंकज, जीवन में कभी-कभी ऐसे मौके आते हैं। हमें जनधन, पशुधन को बचाना है। ये परीक्षा की घड़ी है।' उन्होंने कहा कि आइआइटी रुड़की के प्रो. एनके गोयल और बांध सुरक्षा के राष्ट्रीय विशेषज्ञ से भी वे परामर्श कर काम कर रहे हैं। सीएम ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह व जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत को भी स्थिति की जानकारी दी। शिवराज देर रात तक बांध की हर स्थिति पर नजर बनाए रहे और अपडेट लेते रहे।

अब तक उठाए गए कदम...

गुरुवार को मिट्टी के 600 मीटर लंबे बांध में पानी का रिसाव शुरू हो गया था। शुक्रवार को मिट्टी धंसने से रिसाव बढ़ गया। धार के 12 और खरगोन के छह गांवों को खाली करवाना पड़ा। शुक्रवार देर रात सेना के 200 जवान पहुंचे। उद्योग मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव व जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट मौके हैं।

कांग्रेस ने बनाया जांच दल

बांध में लीकेज व अनियमितताओं की जांच के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने आठ सदस्यीय जांच दल गठित किया है। इसमें धार के जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष बालमुकुंद सिंह गौतम, विधायक उमंग सिंघार, सुरेंध सिंह हनी बघेल, संजय शुक्ला समेत अन्य शामिल हैं।

Posted By: Prashant Pandey

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