Dhar Dam Leakage: धार-गुजरी। बांध की एक तरफ की मिट्टी धंसने से प्रशासन ने शुक्रवार सुबह से ही धार जिले के 11 गांव एवं खरगोन जिले के 6 गांवों को खाली करवाने का कार्य शुरू कर दिया था। प्रशासन की टीम ने गांवों में जाकर लोगों से अपील की और सभी लोगों को बस में बैठाकर धामनोद के निजी एवं शासकीय स्कूलों में भेजा। यहां प्रशासन ने भोजन सहित पूरी व्यवस्था की। लोगों में भी सुबह से ही डर का माहौल बन गया। कई लोग अपने घरों पर ताला लगाकर पहाड़ी पर जाकर बैठ गए।

गुजरी में प्रशासन की टीम ने सुबह 9 बजे पहुंचकर सभी दुकानें बंद कर लोगों को घरों के अंदर सुरक्षित रहने के अपील की। सभी गांव वालों ने भी प्रशासन का सहयोग करते हुए तुरंत दुकानें बंद कर दी। सभी लोग अपने -अपने घरों में सुरक्षित बैठ गए। कई लोग डर के कारण गांव से बसों में बैठकर अपने रिश्तेदारों के यहां भी निकल गए। सुबह से एक डर का माहौल गुजरी में बन गया था। वहीं सागलियाअवार कारम नदी के पास होने के कारण ग्राम पंचायत सचिव सुखलाल तुरंत गांव में पहुंचे और सभी लोगों को पहाड़ी पर ले जाकर बैठाया। दिनभर उनकी भोजन की व्यवस्था भी की। दोपहर बाद गांव में टीम को भी तैनात किया गया।

गुणवत्ता के साथ मुआवजा वितरण प्रक्रिया पर विधानसभा में गूंजेगा प्रश्न

धरमपुरी विधायक पांचीलाल मेड़ा डैम में रिसाव की सूचना के बाद पहले दहीवर मार्ग से कारम नदी पहुंचे। इसके बाद मौका स्थल पर पहुंचे। विधायक ने आरोप लगाते कहा कि प्रभावित लोगों को अभी तक पूरा मुआवजा भी नहीं मिला। इनके मकान डूब में आ रहे थे, उनको प्रधानमंत्री आवास योजना में कोई लाभ भी नहीं दिया गया। प्रदेश सरकार के भ्रष्ट अधिकारियों व सरकार की मिलीभगत से डैम पहली ही वर्षा में क्षतिग्रस्त हो गया। आदिवासियों के हक और अधिकार के लिए विधानसभा में मुद्दा प्रस्तुत करूंगा। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी मौजूद थे।

फोरलेन पर लगा जाम

इधर ओरिएंटल पाथवेज कंपनी के प्रबंधक अशोक गौड़ ने बताया कि सुबह 8ः30 से दोपहर 1 बजे तक फोरलेन प्रतिबंधित किया गया। प्रशासन के निर्देश पर कवायद की गई थी। विपरीत परिस्थितियों के लिए टोल पर पुलिस व्यवस्था के लिए भी प्रशासन को अवगत कराया था। दोनों ओर करीब 6 से 7 किलोमीटर का मार्ग जाम लग गया था। सुलभता से वाहनों को निकाला गया।

इंदौर-मुंबई फोरलेन चार घंटे रोका, हजारों वाहन फंसे

धामनोद। धरमपुरी तहसील के ग्राम कोठिडा भारुड़पुरा में नवनिर्मित मिट्टी के बांध के लीकेज होने के बाद से ही एहतियात के तौर पर क्षेत्र के कई मार्गों को घंटों प्रतिबंधित किया गया। इधर इंदौर-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग को करीब चार घंटे से अधिक धार फाटे पर रोका गया। इससे करीब 2500 छोटे-बड़े-वाहन मार्ग पर फंस गए। इससे लोग परेशान हुए।

राखी का पर्व होने कारण वाहनों में भीड़ और मार्ग अवरुद्ध हो जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बहनों को भाइयों के घर पहुंचने में घंटों विलंब हुआ। कई वाहन मार्ग परिवर्तित कर अपने नियत स्थान पहुंचे। इसी तरह धामनोद-महेश्वर के बीच ग्राम दहीवर स्थित कारम नदी के पुराने पुल पर भी करीब दो घंटे मार्ग बंद रहा। बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा हो गया। 300 से अधिक वाहनों का काफिला जाम में तब्दील हुआ। कारम पुल पुराना व संकरा होने के कारण मार्ग पर धीरे-धीरे वाहनों को निकाला गया। क्षेत्र के नेता जगदीश मूंदड़ा, मंडल अध्यक्ष सतीश चौधरी ने बताया कि चिंता का विषय यह है कि यदि डैम का पानी आता है तो नर्मदा तट के लोगों को भी अलर्ट करना होगा जिसके लिए प्रयास कर रहे हैं।

कारम के आसपास लोगों को सूचित किया गया है। इधर नर्मदा नदी का जलस्तर भी अधिक होने से नर्मदा तट के लोगों को भी समझाइश दी जा रही है। नगर प्रशासन की ओर से अध्यक्ष दिनेश शर्मा, उपाध्यक्ष विष्णु कर्मा सहित प्रशासन के लोगों ने महेश्वर चौराहे पर यातायात को सुलभ कराया। सभी निजी स्कूलों को बसों और ड्राइवरों की व्यवस्था के लिए सूचित किया गया। कई स्कूलों द्वारा तो क्षेत्र के बच्चों को समय से पहले ही छुट्टी दे दी गई। बच्चों को घर भेज दिया गया। प्रशासन द्वारा ऐहतियात के लिए जरूरी कदम उठाए गए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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