सुसारी-निसरपुर। नईदुनिया न्यूज

सरदार सरोवर बांध को अपने पहले पड़ाव 131 मीटर तक भरने के बाद 31 अगस्त तक दूसरे पड़ाव 134 मीटर तक भरने का कार्य अब गति पकड़ने लगा है। पिछले 24 घंटों में 0.30 मीटर जलस्तर में वृद्धि हुई है। सोमवार शाम को 132.50 मीटर पहुंच गया है जिसके चलते कोटेश्वर के सभी घाट अब डूब चुके हैं और बैक वाटर ने ग्राम कड़माल के नाले में भी दस्तक दे दी है। दिन के मुकाबले रात में जलस्तर में वृद्धि अधिक हो रही है।

सोमवार को कोटेश्वर के अंतिम अहिल्या घाट पर भी पानी आ गया। ऐसे में राम मंदिर की पूजा-अर्चना अब बंद कर दी गई है, लेकि न शाम तक कोटेश्वर महादेव मंदिर में पुजारी शिवपुरी व माधवपुरी पूजा-अर्चना कर रहे थे। वहीं प्रशासन ने कोठड़ा से कोटेश्वर के लिए चल रही निजी बोट पर सुरक्षा की दृष्टि से रोक लगा दी है। ऐसे में अस्थि विसर्जन के लिए आए कु छ लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि तीर्थस्थल पर जाकर अस्थि विसर्जन का एक अलग महत्व है।

रोड पर ही बन गया घाट, लग गई दुकानें

सोमवार को कोटेश्वर की ओर जाने वाले मार्ग पर ग्राम कोठड़ा के समीप सड़क मार्ग पर जहां पानी आ चुका है वहां पर नर्मदा स्नान करने वाले स्नान कर रहे थे। सड़क पर ही पूजा-अर्चना कर रहे थे। वहीं कोटेश्वर के जितने भी दुकानदार थे उन्होंने वहां पर ही अपनी अस्थाई दुकानें लगा ली थीं। जिसके चलते ऐसा लगने लगा है कि कोटेश्वर अब यहीं आ गया है। वहीं यहां से कोटेश्वर की ओर जाने वाली निजी नाव व बोट को सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने बंद कर दिया था। नाविक तेरसिंह चेनिया ने बताया कि अब कै से रोजी-रोटी चलेगी। कोटेश्वर में आने वाले लोग नाव से नर्मदा में कु छ देर घूमते थे। इस पार से उस पार गांव वाले आना-जाना करते थे अब सब बंद हो गया है।

जो बची है उसे समेट लो

बढ़ते बैक वाटर के चलते लोगों के घर व दुकान ही नहीं हट रहे हैं खेतों की खड़ी व अधपकी फसलों को भी काटा जा रहा है, क्योंकि जो खेत डूब में है उस पर फसल लगाई जा चुकी थी। अब पानी आ गया है। ऐसे में कोठड़ा के समीप कोटेश्वर आश्रम के खेत में कि सान हिरमाल व कु मार दोनों मक्का की अधपकी फसल को काट रहे थे। वे कह रहे है जो फसल बच जाए वह पशुओं के काम तो आएगी इसलिए काट रहे हैं। यह भी डूब जाएगी। इस तरह का नजारा कई खेतो में नजर आ रहा है।

लगातार पानी छोड़ा जा रहा है

इंदिरा सागर से 12 गेट व 8 विद्युत मशीनों से 6 हजार 40 क्यूसेक पानी व ओंकारेश्वर से 23 गेट व 7 मशीनों से 7 हजार 200 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। नर्मदा में वही सरदार सरोवर बांध में 2 लाख 73 हजार 900 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। 2 लाख 43 हजार 273 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है ऐसे में अब डूब में प्रतिदिन धीरे धीरे पानी बढ़ रहा है व जिस तरह से अब पानी बढ़ रहा है उस अनुमान से 31 अगस्त से एक सप्ताह पूर्व ही 134 मीटर का अभी का तय लेवल पूर्ण कि या जा सकता है।

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फोटो 19 सुसारी 3 --कोटेश्वर तीर्थ पर सोमवार को कोटेश्वर महादेव मंदिर तक नर्मदा का बैक वाटर आ गया था।

19 सुसारी 4 --कोटेश्वर तीर्थ पर अंतिम घाट डूबने के बाद राम मंदिर के चौक में अब पानी आ गया है -- फोटो कपिल गोस्वामी

19 सुसारी 5 -- कोठड़ा गांव में मार्ग पर ही अब कोटेश्वर का घाट बन गया व यहीं पर दुकाने भी लग रही है।

19 सुसारी 6 --कोठड़ा के समीप खेतो में बैक वाटर आ जाने के चलते अधपकी फसल को भी अब काटा जा रहा है।