चयनित सात परियोजनाओं में से दो राजगढ़ से

राजगढ़। शिद्दत और नेक नीयत से किया गया कोई कार्य जाया नहीं जाता, खुदा कब बख्श दे ये पहले से बताया नहीं जाता। वर्ष 2000 से प्रारंभ हुआ मानस का यह सृजन धार जिले ही नहीं अपितु प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है कि नगर की दो वैज्ञानिक प्रतिभाएं उर्वशी दिनेशचंद्र उईके (10वीं) 'आम के आम गुठलियों के दाम' एवं निश्चय सुशील कुमार जैन ने 'इम्प्रॉपर प्लानिंग लिड्स द मेन मेड डिसास्टर' विषय पर 'इंडियन यंग इन्वेंटर्स एंड इनोवेशन चैलेंज 2019' में देश के प्रसिद्घ वैज्ञानिकों के समक्ष पढ़ेंगे।

ज्ञातव्य हो कि राष्ट्रीय प्रोद्यौगिकी और संचार परिषद एवं भारत शासन के विज्ञान एवं प्रोद्यौगिकी विभाग (नई दिल्ली) द्वारा यह प्रतिस्पर्धा आयोजित की जा रही है। यह 29 नवंबर से 3 दिसंबर तक हैदराबाद के

सेन्ट्रल एक्जीबीजन हॉल मे आयोजित होगा। इसमें विश्व के इंटरनेशनल जूरी ऑफ साइंटिस्ट्स के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। स्मरणीय है कि इसके पूर्व 17 नवंबर को कृषि विज्ञान केन्द्र गोधरा (गुजरात) में विद्यार्थियों ने शोध पत्र प्रस्तुत किए थे।

स्मरणीय है कि पूर्व में वर्ष 2000 में 'आम के आम गुठलियों के दाम' परियोजना राज्य स्तरीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2000 इंदौर के एमराल्ड हाइट्स स्कूल में मानस की पूर्व छात्रा किशीका मुठरिया एवं विशिका मुठरिया ने प्रस्तुत किया था। गोधरा में उर्वशी देश के प्रतिनिधि के रूप में आम की गुठली की सब्जी को 'आमसी' के नाम से एवं गुठली का आटा जिसे एमकेएफ के नाम से जाना जाता है, को 'आम्रा' नाम से पेटेंट करने की वकालत करेगी और देश को इसका पेटेंट यदि मिलता है तो हम इसके बड़े एक्सपोर्टर हो जाएंगे।

ईंट-भट्टे से मिलेगी निजात : छात्र निश्चय जैन ने ईंट-भट्टे से निजात पाने के लिए स्वयं ऐसी ईंट काप्रकल्प सुझाया है कि जिसमें आग एवं कोयले की आवश्यकता नहीं है। इन्होंने अपनी इस ईंट का नाम 'यानी' और दीवार के प्रकल्प का नाम 'निया' दिया है। इससे वर्षा में दीवारों पर सीलन नहीं आएगी। बांध और नहरों से रिसाव नहीं होगा। भवन निर्माण की लागत कम होगी। परियोजनाओं का मार्गदर्शन शिक्षिका सीमा जैन ने किया। यह जानकारी राहुल परवार ने दी।

फोटो कैप्शन - ं

20 आरजेएच 14ः- छात्र निश्चय जैन

20 आरजेएच 15ः- छात्रा उर्वशी उईके

Posted By: Nai Dunia News Network