बखतगढ़। यहां आयोजित बड़के श्वर मेले का समापन हो गया है। इस मर्तबा मेला 3 वर्ष में लगा। इसका कारण यह रहा कि गत वर्ष इस दौरान विधानसभा के चुनाव होने से आचार संहिता प्रभावशील थी। इसके चलते वर्ष 2018 का मेला निरस्त कि या गया था। इस बार मेला देखने के लिए नगर सहित भूरियापाड़ा, इनायतपूरा, पिपलिया, जलोदखेता, रेशमगारा, बोराली, घटगारा, मदद, सकतली, निंदवानिया, हरकाझर, झिंझारदा, बामनियारुंडी, सांगवी, भामाखेड़ी आदि सहित कई गांव के लोग यहां पहुंचे एवं मेले का भरपूर लुत्फ लिया। इस दौरान लोगों ने बड़के श्वर परिसर में महादेवजी के मंदिर एवं बालाजी वीर हनुमानजी मंदिर में दर्शन का लाभ भी लिया। मेले में झूले, चकरी, स्पंज जंपिंग गेम, नाव झूले विशेष आकर्षण का कें द्र रहे। लोगों ने आवश्यकता अनुसार खरीदारी की। हल्की गुलाबी ठंड के चलते लोगों ने गरम जलेबी का लुत्फ लिया। गौरतलब है कि बड़के श्वर मेला कार्तिक पूर्णिमा के बाद लगता है। इस मेले को लेकर दुकानदारों के साथ अन्य व्यवसायी एवं लोगों में भी खासा उत्साह रहता है।

मेले के दौरान पंचायत ने बड़े वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण रुप से प्रतिबंधित कि या था। इसके चलते नगर के बाहर स्थित लालघाटी से डायवर्शन करके बस, ट्रक जीप, कार आदि छोटे बड़े वाहन के लिए भामाखेड़ी होते हुए पिपलिया तक के बायपास रोड से निकलने का संके त दिया। यह मार्ग बायपास होते हुए पुन? बदनावर कोद रोड पर ग्राम पिपलिया के वहां मिल जाता है। मेले लगने के दौरान बायपास अंतरिम मार्ग पर एक वाहन फंस गया था। इसके चलते पांच छह घंटे तक उक्त मार्ग पर आवागमन पूर्ण रुप से अवरुद्ध रहा। काफी मशक्कत के बाद वाहन को निकालकर आवागमन चालू करवाया गया। इधर मेले के दौरान दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर सख्ती से प्रतिबंध नहीं लगने के कारण इन वाहनों की आवाजाही से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।

स्कू ली बच्चों व यात्रियों को हुई परेशानी

मेला लगने के दौरान स्कू ल बस एवं यात्री बसें नगर के बाहर 1 कि लोमीटर दूर स्थित लालघाटी पर ही रुकवा दी जाती थी। यात्री व स्कू ली बच्चे पैदल अपने घर पहुंचे। इसमें लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

?ोटो के प्सन- 24बीके एच01 बखतगढ़ के बड़के श्वर मेले में झूले का लुत्फ लेते ग्रामीण।

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निकाला वरघोड़ा, हुए धार्मिक आयोजन

दसाई। आचार्य श्रीमद् विजय जयंतसेन सूरीश्वर का 84वां जन्मदिवस रविवार को मनाया गया। प्रात? 6.30 बजे राजेंद्रसूरी ज्ञान मंदिर में भक्ताबर एवं गुणानुवाद पाठ कि या गया। लक्की ड्रॉ के माध्यम से प्रथम पुरस्कार सुशीला पिपाड़ा, द्वितीय जतन नाहर, तृतीय कमल राठौर को दिया गया। 7.30 बजे स्नात्र पूजा पाठशाला के बच्चों द्वारा पढ़ाई गई। समाजजनो ने गगांजलिया और कु म्हारपाट पर पक्षियों को दाना डाला। 9.30 आदिनाथ जिनालय से वरघोड़ा निकाला गया। समापन पर ज्ञान मंदिर में गुणानुवाद सभा का आयोजन कि या गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में श्रीसघं अध्यक्ष संजय पिपाड़ा द्वारा दीप प्रज्जवल कि या। स्वागत भाषण मनीष पावेचा ने दिया। स्वागत गीत युक्ता मंडलेचा ने प्रस्तुत कि या। बाबूलाल मंडलेचा, विशाल जैन (लाबरिया), पारसमल पावेचा, अनिता पावेचा, पूजा पावेचा, रानी खाबिया आदि ने अपने विचार रखे। दोपहर मे महिला परिषद् द्वारा जयंतसेन सूरीश्वर की अष्ट प्रकारी पूजा पढ़ाई गई। शाम को छात्रावास में बच्चों को मिठाई का वितरण कि या गया। 84 दीपक से पूज्य गुरुदेव की महाआरती की गई। भगवान की मनमोहक अंगरचना की गई। समाजजनों का स्वामीवाल्यत्य कि या गया। दिनभर कई धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन कि या गया। संचालन राके श नाहर ने कि या। आभार कमल राठौर ने माना। कार्यक्रम के दौरान मंदिर के पूजारी गोपाल चौहान एवं पाठशाला के बच्चो के साथ-साथ शिक्षिका रेखा राठौर, नेहा मंडलेचा का बहुमान कि या गया।

चित्र भेजा है 24 डीसीआई 02। दसाई में आचार्य श्रीमद् विजय जयंतसेन सूरीश्वरजी के जन्मोत्सव पर निकाला वरघोड़ा।

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बाग को नगर परिषद का दर्जा मिला, नोटिफिके शन जारी

बाग। ग्राम पंचायत बाग को अब नगर परिषद का दर्जा दे दिया गया है। रविवार को मप्र शासन की ओर से नोटिफिके शन जारी कि या गया। इससे बाग को नगर परिषद बनाया जाएगा। आसपास की ग्राम पंचायतों के गांवों को मिलाकर नगर परिषद का गठन कि या जाएगा। वहीं अब यहां चुनाव दलीय आधार पर होंगे। पहले ग्राम पंचायत में सचिव का पद होता था अब नगर परिषद बनने से सीएमओ का पद होगा। जबकि सरपंच की जगह नगर परिषद के अध्यक्ष चुने जाएगे।

बाग को नगर परिषद बनाने की घोषणा होने पर युवाओं में हर्ष का माहौल है। इससे विकास के नए द्वार खुलेंगे। हालांकि नगर परिषद बनने से जनता को कु छ दिक्कतें भी होगी। विशेष तौर पर ग्रामीणों को इसका सामना करना होगा। जैसे भवन निर्माण में नक्शा पास करवाकर ही नगर परिषद से अनुमति लेना होगी ग्राम पंचायत में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। भवन एवं प्रकाश कर की दरें भी बढ़ेगी जो पंचायत स्तर पर कम थी। हालांकि कु छ ग्राम पंचायतों को नगर परिषद में शामिल होने पर आपत्ति थी, इसकी जानकारी नोटिफिके शन में फिलहाल नहीं है। नगर परिषद बनने से बाग को एक फायर ब्रिगेड भी मिलेगी। पहले आपातकालीन स्थिति होने पर स्थानीय स्तर पर साधन जुटाने में मशक्कत करना पड़ती थी। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना में ग्राम पंचायत में मकान निर्माण के लिए 1 लाख 50 हजार रुपए मिलते थे अब नगरीय निकाय बनने से 3 लाख 50 हजार रुपए मिलेगे। सीएमओ का पद अस्तित्व में आने से नगर में हो रहे अवैध अतिक्रमण पर लगाम लगेगी।

कै बिनेट मंत्री सिंघार के लिए होगी चुनौती

बाग को नगर परिषद बनाने की घोषणा के साथ ही अब कै बिनेट मंत्री उमंग सिंघार को बाग नगर परिषद में कांग्रेस की परिषद बनाने में चुनौती होगी। अब जबकि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है ऐसे में उमंग सिंघार को यहां चुनौती का सामना करना होगा।

24बीएजी01- ग्राम पंचायत बाग, जो अब नगर परिषद बनेगी।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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