पेज 14 की लीड

- बिजली लाइन डूबने के कारण सिंचाई नहीं कर पा रहे 37 गांवों के 770 कि सान, सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध कराने की योजना पर दो साल बाद शुरु हुआ काम

सुसारी/निसरपुर। नईदुनिया न्यूज

भरपूर पानी होने के बावजूद डूब क्षेत्र से बाहर के 37 गांवों के 770 कि सान रबी सीजन में फसलों को सिंचित नहीं कर पा रहे हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि ग्रिड के साथ ट्रांसफॉर्मर व विद्युत लाइन बैक वाटर में डूबी हुई है। 770 में से 80 कि सानों ने मजबूरी में 10 लाख रुपए मप्र विद्युत वितरण कंपनी में जमा करवाकर अस्थाई कनेक्शन लिए हैं, ताकि फसलों को बचा सके । शेष कि सान अब भी शासन के भरोसे आस लगाए बैठे हुए हैं। सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध करवाने की योजना पर दो करोड़ की राशि से नर्मदा घाटी विकास विभाग ने कार्य अब शुरु कि या है, जो दो साल पहले ही शुरु कर दिया जाना चाहिए था।

सरदार सरोवर बांध इस साल सितंबर में अपनी पूर्ण क्षमता से 138.68 मीटर भर गया था। इसके बाद डूब से बाहर 37 गांव के सैकड़ों कि सान जो नर्मदा जल से सिंचाई करते थे, उनकी सिंचाई की विद्युत लाइन, ट्रांसफॉर्मर, ग्रिड सभी बैक वाटर में डूब गए थे। इसके चलते पानी होने के बाद भी सिंचाई नहीं हो पा रही थी। मामले को लेकर नईदुनिया ने 25 सितंबर को 'डूब क्षेत्र के बाहर, फिर भी 37 गांवों के कि सानों को नहीं मिल बिजली' व 4 अक्टूबर को खबर पर नजर में '37 गांवों में सिंचाई के लिए बिजली देने में खर्च होंगे 7.5 करोड़ रुपए' शीर्षक से समाचार प्रकाशित कि ए थे।

दो करोड़ में मिलेगी बिजली

नर्मदा घाटी विकास विभाग के मंत्री व स्थानीय विधायक सुरेंद्रसिंह हनी बघेल ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए नर्मदा घाटी विकास के यांत्रिकी विभाग को राशि का आवंटन कि या था। इसके लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर जमीन में विद्युत पोल लगाने का कार्य शुरु कर दिया गया है। विभाग इस साल के अंत तक पूर्ण करने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर कार्य कर रहा है। इसके बाद कु क्षी तहसील के डूब से बाहर के गांव को नर्मदा से सिंचाई के लिए बिजली मिलने लगेगी।

53 कि मी की लाइन डलेगी

कु क्षी तहसील में सरदार सरोवर के बैक वाटर के ऊपर वाले हिस्से में 11 के वी की 53 कि मी की लाइन बिछाई जाएगी। साथ ही 40 स्थानों पर कनेक्शन देने के लिए ट्रांसफॉर्मर लगाए जाएंगे। इस कार्य पर दो करोड़ की राशि खर्च की जाएगी। तीन निर्माण एजेंसियों के माध्यम से यह कार्य करवाया जा रहा है। गौरतलब है कि अब सभी स्थानों पर उच्च दाब वाली 11 के वी की लाइन ही रहेगी। विद्युत कंपनी अब कम दबाव वाली एचटी लाइन नहीं डालेगा। कि सानों को ट्रांसफॉर्मर से ही कनेक्शन दिए जाएंगे। ऐसे में आने वाले समय में जैसे-जैसे बैक वाटर कम होगा, वैसे-वैसे कि सानों को खुद के खर्च से के बल आगे ले जाकर सिंचाई के लिए पानी लेना होगा। इसमें कि सानों को काफी परेशानी के साथ आर्थिक खर्च वहन करना होगा। बिजली कंपनी का कहना है कि हर साल बांध में पानी भरेगा। ऐसे में हर साल जहां कम जलस्तर रहेगा, वहां बिजली कनेक्शन देना संभव नहीं है।

अस्थाई कनेक्शन पर कि ए लाखों खर्च

रबी सीजन में सिंचाई के लिए पानी पर्याप्त पर है, लेकि न बिजली नहीं है। ऐसे में मजबूरी में कि सानों ने मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी से अस्थाई कनेक्शन निसरपुर व चिखल्दा के विद्युत कें द्रों में आवेदन देकर लेना शुरु कर दिया है। अब जो कनेक्शन विद्युत विभाग दे रहा है, उसमें पोल, ट्रांसफॉर्मर आदि की राशि कि सानों को देनी पड़ रही है। अभी तक दोनों स्थानों पर करीब 80 कि सानों ने अस्थाई कनेक्शन के लिए 10 लाख से अधिक की राशि जमा की है। इस बारे में डूब ग्राम कोठड़ा के कि सान पप्पू कु मावत, उपेंद्र कु मावत, यतीश चादोरे ने बताया कि जो काम शासन को साल 2017 में ही कर देना था, वह 2019 में भी नहीं हो पाया। ऐसे में कि सानों को निजी खर्च कर रबी के लिए विद्युत लाइन लेनी पड़ रही है। शासन ने प्रयास शुरु कर दिए हैं। विद्युत लाइन डालने पर काम जब तक पूरे होंगे, तब तक तो रबी सीजन ही चला जाएगा।

10 लाख की राशि कि सानों ने जमा की है

मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी निसरपुर के कनिष्ठ अधिकारी एसके चंद्रावत व चिखल्दा के कनिष्ठ अधिकारी बापूसिंह सोलंकी ने बताया कि अभी तक दोनों स्थानों पर 80 से अधिक कि सानों ने अस्थाई कनेक्शन के लिए आवेदन कि ए हैं। इसमें 10 लाख की राशि कंपनी को मिली है। उक्त राशि से पोल व तार बिछाकर डूब से बाहर अस्थाई कनेक्शन दिए जा रहे हैं। प्रतिदिन आवेदन आ रहे हैं।

साल के अंत तक हो जाएगा कार्य

कु क्षी तहसील में डूब से बाहर सिंचाई के लिए विद्युत लाइन के पोल लगाने का कार्य एजेंसियों ने शुरु कर दिया है। दिसंबर के अंत तक कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।

-वीके पारदी, जल व यांत्रिकी विभाग एसडीओ, नर्मदा घाटी विकास विभाग

?ोटो-

9 सुसारी 1 डूब से बाहर ग्राम करोंदिया में खेतों में सिंचाई के लिए विद्युत लाइन के पोल लगाने का कार्य कि या जा रहा है।

--------------------------

Posted By: Nai Dunia News Network

fantasy cricket
fantasy cricket