-मानव अधिकार दिवस पर हुई परिचर्चा में कलेक्टर ने कहा-

धार। नईदुनिया प्रतिनिधि

मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के निर्देशानुसार इस वर्ष भी मंगलवार को जिला मुख्यालय पर मानव अधिकार दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। आयोग द्वारा निर्धारित स्वच्छ पर्यावरण मानव अधिकार विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई।

कार्यक्रम में अतिथि कलेक्टर श्रीकांत बनोठ, पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह, विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राजाराम बड़ोदिया, आयोग मित्र छोटू शास्त्री एवं डॉ. एमएम महाजन ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता कलेक्टर श्रीकांत बनोठ ने कहा कि मानवाधिकार की बहुत सी परिभाषा है। संविधान ने सभी को बहुत सारे अधिकार प्रदत्त किए हैं। लेकिन इन अधिकारों का यह अर्थ नहीं है कि किसी दूसरे के अधिकारों का हनन हो। हम वायु प्रदूषण की बात करते हैं तो दिल्ली में लोग बीमार हो रहे हैं। सुबह जाकर पार्क में व्यायाम करना उनका अधिकार है, लेकिन यदि स्वस्थ वातावरण नहीं है तो वह उसको नहीं कर पाता है। यह उसके अधिकारों का हनन है। पर्यावरण के बारे में पर्यावरण के साथ सभी लोग संतुलित होकर चलें ताकि सभी का अधिकार बना रहे। देश की प्रगति के साथ और अधिकार आमजन को प्राप्त होंगे। आपने कहा कि आज की कार्यशाला इसी विषय पर समर्पित है। स्वच्छता व पर्यावरण के लिए सभी से अनुरोध है वे जागरूकता फैलाएं कि हम पर्यावरण को संतुलित बनाकर चलेंगे। परिचर्चा में बनोठ ने आगे कहा कि स्वच्छ रहना और रखने की ओर आगे सोचना होगा। क्योंकि उस भावना को जब तक हर नागरिक आत्मसात नहीं रहेगा तब तक उन्नातशील समाज की बात बेमानी होगी। विचारों से ही हम आगे बढ़ते हैं। स्वच्छता का विचार हमें प्रगति की ओर ले जाता है। स्वच्छ विचार ईश्वर की आराधना से कम नहीं। अध्यक्षता करते हुए पुलिस अधीक्षक आदित्यप्रताप सिंह ने बताया की हर व्यक्ति को यह समझना होगा कि मौलिक अधिकारों का संरक्षण तभी हो सकता है। जब सभी मौलिक कर्तव्यों का भी पालन पूर्ण निष्ठा के साथ करें। हमें अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति बैलेंस बनाकर रखना है, दोनों ही बराबर है। स्वच्छता अभियान भी एक तरह का मौलिक कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि देश में अभी भी ऐसे कई क्षेत्र हैं। जहां मानव अधिकारों को लेकर कार्य करने की आवश्यकता है। विशेष अतिथि विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राजाराम बड़ोदिया ने संविधान और मानव अधिकार आयोग में प्रदत्त अधिकारों का विस्तृत वर्णन करते हुए कहा कि हमारे देश का संविधान देश के प्रत्येक नागरिक के मौलिक अधिकारों के साथ ही मानव अधिकारों का संरक्षण भी करता है। मौलिक अधिकारों के संरक्षण के लिए आर्टिकल 32 में व्यवस्था की गई है। आयोग मित्र छोटू शास्त्री ने जिले में मानव अधिकार के संरक्षण के लिए चलाए जा रहे कार्यों का विवरण देते हुए स्वागत उद्बोधन दिया।

संगोष्ठी में प्रवीण उज्जैनकर, अर्चना मुकाती, संजय शर्मा, लेखा शर्मा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों मीडिया, खिलाड़ियों आदि ने शिरकत की। संचालन आयोग मित्र जयेश राजपुरोहित ने किया। आभार डॉ एमएम महाजन ने माना।

10डीएचआर21-कार्यक्रम को संबोधित करते कलेक्टर श्रीकांत बनोठ।

10डीएचआर22-कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य नागरिक।

Posted By: Nai Dunia News Network

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