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- कि सानों ने कहा- जिन्हें मिल गया, उन्हें बाद में देना था

राजगढ़-लेड़गांव। नईदुनिया न्यूज

ग्राम लेड़गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में कि सान यूरिया खाद के लिए परेशान हो रहे हैं। मंगलवार को लेड़गांव स्थित कें द्र पर 560 बोरी खाद आया था। जैसे ही कि सानों की इसकी खबर लगी वे बड़ी संख्या में कें द्र पर पहुंच गए। इसके चलते दोपहर तीन बजे ही खाद खत्म हो गया।

कि सान लक्ष्मीनारायण राठौड़ ने बताया कि खाद लेने के लिए पावती लगा रखी थी। बावजूद खाद नहीं मिल पाया है। जबकि पूर्व में भी खाद नहीं मिल पाया था। हालांकि यूरिया खाद के अलावा अन्य खाद मिल रही है। कि सानों का कहना है कि जिन कि सानों को पहले 22 बैग मिल चुके थे, उन कि सानों को बाद में देना था। वहीं पहले जो कि सान खाद से वंचित थे, उन कि सानों को पहले खाद देना था, मगर ऐसा नहीं हुआ। वहीं कि सान बबलू ने बताया कि यहां के कि सानों की वजह से आसपास से कि सान अधिक डायरी लेकर आ रहे हैं। दंतोली, टांडाखेड़ा, दौलतपुरा, श्यामपुरा से अधिक कि सान खाद लेने आए थे। बावजूद 560 यूरिया खाद बोरी का आवंटन हुआ था। जबकि 800 के करीब पावती लेकर कि सान आए थे। अधिकांश कि सानों को खाद नहीं मिला। इस वजह से वे मायूस होकर घर लौट गए।

10 आरजेएच 13ः- लेड़गांव कें द्र पर मंगलवार को खाद लेने पहुंची अन्नदाताओं की भीड़।

अब तक 1077 टन खाद का वितरण, पिछले साल से दोगुना अधिक

सरदारपुर। आदिम जाति सेवा समिति में मंगलवार को 1500 बोरी यूरिया खाद और आया। एक ऋण पुस्तिका पर एक कि सान को दो बोरी खाद दिया गया। वर्तमान समय तक 1077 टन खाद का वितरण हो चुका है, जो कि गत वर्ष की तुलना में दोगुना से अधिक है। मंगलवार सुबह से ही खाद लेने कि सान पहुंच गए थे। सुबह करीब 9 बजे खाद आया। संस्था प्रबंधक कै लाश मारु ने महिला एवं पुरुषों की अलग-अलग कतार बनवाई और एक कि सान को एक ऋण पुस्तिका के आधार पर दो बोरी खाद का वितरण प्रारंभ करवाया। सोमवार तक 1002 टन खाद आ चुका है। मंगलवार को 75 टन खाद। इस प्रकार अब तक कु ल 1077 टन खाद कि सानों को वितरित कि या जा चुका है।

चित्र 10 एसआरडी 02 आदिम जाति सेवा समिति सरदारपुर प्रांगण में कि सान खाद लेने के लिए कतार में लगे थे।

सोसायटी का ताला खुलने से पहले लगी एक हजार कि सानों की कतार

- तीन-तीन बोरी देने पर कि सानों ने कि या हंगामा

दसाई। नईदुनिया न्यूज

यूरिया खाद की कि ल्लत अब भी बनी हुई है। आदिम जाति सेवा समिति में मंगलवार को यूरिया खाद को लेकर सुबह 7 बजे से ही लंबी कतार लग गई। इस कारण रोड के दोनों ओर लगभग एक हजार से भी अधिक कि सानों की कतार देखने को मिली। जबकि संस्था का ताला नहीं खुला था।

सुबह 10 बजे जैसे ही आदिम जाति सेवा समिति ने ताला खोला, कि सानों की संख्या बढ़ने लगी। हर कोई यूरिया खाद लेने के इंतजार में खड़ा रहा। संस्था ने जैसे ही 3-3 बोरी यूरिया खाद का वितरण प्रारंभ कि या, वैसे ही कि सानों ने हंगामा शुरु कर दिया। कि सानों का कहना था कि यूरिया की मात्र 3 बोरी से खेती करना काफी मुश्किल है। समय पर गेहूं की फसल में खाद देना आवश्यक है, लेकि न पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिलने के कारण फसल में नुकसानी हो रही है।

पांच दिन भटकी, तीन बोरी ही मिली

इस साल अच्छी बारिश के चलते गेहूं का रकबा बढ़ा है। इससे खाद की मांग अधिक हो रही है, लेकि न शासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। परिणामस्वरुप कि सान परेशान हो रहा है। पदमपुरा की चंदाबाई ने बताया कि पांच दिन से खाद के लिए भटक रही हूं, लेकि न मात्र तीन बोरी ही खाद मिला। 70 बीघा जमीन में इतने कम खाद में पूर्ति कै से होगी। सुबह 6 बजे से ही दसाई पहुंचकर कतार में खड़ी रही। मेरी सोयाबीन पानी के कारण खराब हो गई है। यदि समय पर खाद नहीं मिला तो फसल में काफी नुकसान होगा। खाद की व्यवस्था करना चाहिए, ताकि पैदावार अधिक हो सके । कि सान रवींद्र पाटीदार ने बताया कि खाद लेने के लिए सुबह 7 बजे से आकर खड़ा हूं। पहले मात्र तीन बोरी खाद मुझे मिला है, जिससे काम नहीं चल रहा है। संस्था को डायरी के आधार पर खाद नहीं देना चाहिए। जमीन के हिसाब से वितरण करना चाहिए, ताकि समय पर फसल को खाद दे सके । शासन को कि सानों की समस्या को देखकर तुरंत ही खाद की पूर्ति करनी चाहिए।

हर कि सान को खाद मिलेगा

आदिम जाति सेवा समिति दसाई के प्रबंधक महेश शुक्ला ने बताया कि मंगलवार को संस्था द्वारा 1700 बोरी यूरिया खाद का वितरण कि या गया। प्रत्येक कि सानों को तीन-तीन बोरी खाद दिया गया है। शीघ्र ही खाद आने वाला है। हर कि सान को खाद दिया जाएगा।

चित्र-

10 डीसीआई 05 और 06 दसाई के आदिम जाति सेवा समिति में खाद के लिए लगी कि सानों की भीड़।

यूरिया के लिए लगी लंबी कतार

कड़ौदकलां। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति में खाद वितरण के दौरान कि सानों ने लंबी कतार लगी। सेवा सहकारी समिति में मंगलवार को 365 बोरी यूरिया खाद आया। जैसे ही लोगों को इसकी भनक लगी, सुबह 8 बजे से ही कि सान कतार लगाने लगे। देखते ही देखते करीब 400 कि सान पहुंच गए। अत्यधिक बारिश होने एवं गेहूं का रकबा बढ़ने से यूरिया का संकट मंडरा रहा है। संस्था प्रबंधक ने बताया कि यूरिया की कमी को देखते हुए प्रत्येक कि सान को पावती के हिसाब से बोरी का वितरण कि या जा रहा है। संस्था द्वारा दो वाहन का आर्डर पूर्व में ही दे चुके हैं। जैसे ही खाद आता है, वितरण प्रारंभ कर दिया जाएगा।

फोटो-

10 के के एल 01- कड़ौदकलां में खाद लेने के लिए मंगलवार सुबह 8 बजे से कि सानों की लंबी कतार लग गई थी।

पिछले साल की तुलना में दोगुना खाद बांटी, बावजूद बनी हुई है मांग

खिलेड़ी। सेवा सहकारी समिति से जुड़े सात गांवों के कि सान पर्याप्त खाद नहीं मिलने से परेशान हैं। मंगलवार को यूरिया खाद का वितरण कि या गया। खिलेड़ी की आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के फू लेड़ी, पाना, सिलोदाखुर्द, टकरावदा, तारोद व बैगंदा के 1 हजार 400 सदस्य संस्था से जुड़े हुए हैं। सात गांवों में 5 हजार 200 हेक्टेयर रकबा संस्था से जुड़ा हुआ है। 698 कि सान ही नियमित रुप से जुड़े हैं। शेष 350 कि सान ऋण माफी के चलते ओवरड्यू हो गए हैं। जबकि 352 सदस्यों ने संस्था से कि सी प्रकार का लेन-देन नहीं कि या। ऐसी स्थिति में अऋणी होने के कारण ये सीधे तौर पर खाद प्राप्त नहीं कर सकते हैं। सहायक प्रबंधक वर्दीचंद पाटीदार ने बताया कि संस्था के ओवरड्यू व अऋणी कि सानों को पूर्व में प्रत्येक डायरी पर 4 बैग व मंगलवार को दूसरे राउंड में 2 बैग नगद राशि से दिए गए। जबकि नियमित ऋण अदायगी वाले कि सान जिन्होंने एक बार भी खाद नहीं लिया, उन्हें रकबे के मान से प्रति बीघा एक बैग परमिट के माध्यम से दिया गया है। गत वर्ष संस्था ने 5 हजार 440 बैग यूरिया का वितरण कि या था। इस बार 11 हजार बैग वितरित कि ए जाने के बावजूद भी खाद की मांग बनी हुई है। संस्था प्रबंधक दुलेसिंह गोयल ने बताया कि 11 हजार बैग वितरित करने के अलावा 4 हजार बैग की मांग विभाग से की है। आपूर्ति होते ही वितरित कर समस्या का समाधान कि या जाएगा।

ऐसे कि या वितरित

मंगलवार सुबह से ही कि सान खाद लेने पहुंच गए थे। इसके बाद जिन कि सानों ने पूर्व में खाद नहीं लिया, उन्हें कार्यालय पर रोका गया। शेष कि सानों को गोदाम पर भेज दिया। सहायक प्रबंधक एवं सहायक कर्मी मोहन सोलंकी ने संस्था के रिकॉर्ड अनुसार अप्राप्त खाद वाले कि सानों को मांग अनुसार परमिट बनाकर संतुष्ट कि या। सहायक प्रबंधक भागीरथ पाटीदार, ऑपरेटर महेश पाटीदार व भृत्य लाखन गिरवाल ने कि सानों से नगद राशि लेकर टोकन दिए। टोकन प्राप्त कि सानों को दो-दो बोरी यूरिया खाद वितरित कि या गया।

10के एचआई02 खाद की भारी कि ल्लत के बीच खिलेड़ी गोदाम के चेनल गेट पर अपनी बारी का इंतजार करते कि सान।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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