नालछा। स्वामी विवेकानंद समाज उत्थान समिति द्वारा प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में मातृशक्ति व युवा बाबा बखत बली धाम बडाबरखेड़ा से 18 किलोमीटर पैदल चलकर चौसठ योगिनी बावन भैरव मंदिर जीरापुर धाम में चुनरी अर्पित करने जाते हैं, लेकिन इस वर्ष वैश्विक महामारी कोरोना के चलते समिति के प्रमुख कार्यकर्ता नौ कन्याओं व 21 यात्रियों के साथ बखतबली बाबा के यहां से चुनरी लेकर मां चौसठ योगिनी के दरबार पहुंचे। यहां माताजी को चुनरी चढ़ाकर कोरोना से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की गई। यात्रा में सभी यात्रियों ने मास्क पहनकर शारीरिक दूरी का पालन किया।

26एनएलसी01 नालछा में स्वामी विवेकानंद समाज उत्थान समिति द्वारा जीरापुर चौसठ योगिनी माता जी को चुनरी चढ़ाई गई

अंतिम दिन हुए गरबे

बगड़ी। नवरात्र पर्व के तहत इस बार गांव में नौ दिन गरबे नहीं हुए। प्रतिदिन सुबह-शाम माताजी की आरती की गई। अंतिम दिन नवमी पर समर्पण जागरण गरबा महोत्सव समिति द्वारा नर्वदेश्वर महादेव मंदिर बस स्टैंड पर बालिकाओं द्वारा ओपन गरबों की प्रस्तुति दी।

26 बीजीडी 01 एवं 02 बगड़ी बस स्टैंड पर समर्पण जागरण गरबा महोत्सव की बालिकाओं ने गरबों की प्रस्तुति दी।

मंदिरों में चढ़ाए कलश

बरमंडल। नागलेचा माता मंदिर में नवरात्र पर कलश चढ़ाए गए। अंबिका माता मंदिर की बालिकाओं ने आकर्षक गरबों की प्रस्तुतियां दी। प्रथम कलश की बोली 5101 रुपये अरूण सोनी, द्वितीय 3101 रुपये राधेश्याम गोयल, तृतीय बोली 3201 रुपये कैलाशचंद्र चौधरी, चतुर्थ 4301 रुपये वरदीचंद चावड़ा व पंचम दीप कलश का लाभ 7501 रुपये की बोली लगाकर दिलीप ओथवाल ने लिया। महाआरती कर प्रसादी बांटी गई। भवानी माता मंदिर में भी कलश चढ़ाने का कार्यक्रम हुआ। यहां प्रथम कलश की बोली 4501 रुपये हेमंत रामनारायण मारू, द्वितीय 5100 रुपये बाबूलाल चावड़ा, तृतीय 6501 रामचंद्र गोयल, चतुर्थ 6101 रुपये धरमचंद रामचंद्र गोठवाल एवं पंचम ज्योति कलश की बोली 7101 रुपये का लाभ राहुल जगदीश चांदोरा ने लिया। घरों में माता व कन्या पूजन हुआ। नागलेचा माता, भवानी माता, अंबे माता, उमिया माता, चामुंडा माता, पडूनी स्थित अन्नापूर्णा माता, पहाड़ी पर विराजित देवल माता, कालिका माता, रविदास मोहल्ले में अंबे माता आदि मंदिरों में नौ दिनों माता का आकर्षक श्रृंगार किया गया। हवन-पूजन कर पूर्णाहुति की गई।

26बीएआर02 बरमंडल में नागलेचा माता मंदिर में कलश चढ़ाते हुए।

कोरोना ने बदली परंपरा, घर-घर जाकर किया कन्या पादपूजन

दिग्ठान। कोरोना ने इस वर्ष कई परंपराएं बदली हैं। इस बार नवरात्र पर गरबे, कन्या भोज और अन्य सामूहिक आयोजन करने की मनाही थी। नवरात्र उत्सव के आयोजकों ने घर-घर जाकर कन्याओं का पादपूजन किया। सार्वजनिक नवयुवक मंडल ने सदर बाजार प्रांगण में नवरात्र महोत्सव उत्साह व हर्षोल्लास के साथ मनाया। मंडल द्वारा हर साल कन्याभोज का आयोजन कर उनके पैर पूजे जाते थे व भेंट दी जाती थी, लेकिन शासन की गाइड लाइन अनुसार मंडल ने निर्णय लिया कि वे एक स्थान पर कन्याओं को इकट्ठा नहीं करेंगे। मंडल के सदस्यों अजीत जैन, संदीप सोमानी, आर्यन शर्मा, देवेश वैष्णव, ऋषभ शर्मा, रितीक सोलंकी, नमन प्रजापत, शुभम परमार के साथ भाजपा मंडल अध्यक्ष बद्रीसिंह पटेल, अर्जुन पाटील, विनोद चौधरी, अशोक शर्मा, मुकेश सोनी ने घर-घर जाकर कन्याओं के पैर पूजे व उन्हें भेंट दी। मंडल के सदस्य वीरेंद्र शर्मा ने बताया हर वर्ष शारदीय नवरात्र में 500 कन्याओं को भोज कराया जाता है।

26डीआईजी1 - दिग्ठान में घर-घर जाकर किया कन्याओं का पादपूजन।

मां की प्रतिमा व ज्वारे विसर्जित किए

कुक्षी/पड़ियाल। ग्राम में नवरात्र पर्व के समापन पर शांति वन धाम के पास बने डैम में मां अंबे की मूर्ति एवं ज्वारे विसर्जित किए गए। भक्तों ने आरती व पूजा कर नम आंखों से विदाई दी। ग्रामीणों ने पारंपरिक रूप से ढोल-झांझर बजाते हुए माता का विसर्जन किया।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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