कुक्षी (नईदुनिया न्यूज)। माता-पिता की इच्छा का सम्मान करना और उनके सपनों को साकार करने के लिए उनके बताए मार्ग का अनुसरण करना ही संस्कार होता है। सीमा पर देश सेवा के लिए जवान दिन-रात जाग रहे हैं जबकि देश में नौजवान मोबाइल चलाने के कारण जागते हैं। किसी वस्तु और उपकरण का आवश्यकता अनुसार उपयोग किया जाए, तो वह उपयोगी है। अनावश्यक उपयोग हमारा भविष्य नष्ट करने का काम करेगा।

उक्त विचार रविवार को श्री दशा वैष्णव पोरवाड़ समाज द्वारा आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में पधारे बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर कापसी के सेवादार महेश भाई ने युवक-युवतियों को मोबाइल उपयोग में सावधानी बरतने की सलाह देते हुए व्यक्त किए। उक्त आयोजन समाज के युवक-युवतियों व बालक-बालिकाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आने वाली समस्याओं और उनके निराकरण के लिए तथा समाज में अपना योगदान देने के लिए आयोजित किया गया था। माइक्रोसाफ्ट कंपनी बेंगलुरु में कार्यरत सूर्या दिनेश गुप्ता आलीराजपुर ने कहा कि किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए सर्वप्रथम नकारात्मक विचार वाले लोगों से दूरी बना लेनी चाहिए। ऐसे लोग सदैव हतोत्साहित करने का काम करते हैं। हमेशा सकारात्मक लोगों की संगत करनी चाहिए। आइआइटी और एनआइटी से शिक्षा प्राप्त करना संपूर्ण नहीं होता है। यह मात्र अपने लक्ष्य को हासिल करने के सबसे आवश्यक साधन होते हैं। हाल ही में परीक्षा उत्तीर्ण कर सीए बने गौरव मंडलोई ने कहा कि आपका लक्ष्य किसी उच्च पद, किसी बड़ी कंपनी या उद्योग स्थापित करने का होना चाहिए। शिक्षा तो उस लक्ष्य को प्राप्त करने का माध्यम है। उच्च डिग्री शिक्षा प्राप्त करने को लक्ष्य न समझे। यह लक्ष्य प्राप्त करने का सफर होता है। कंप्यूटर इंजीनियर ऐश्वर्या प्रशांत गुप्ता दिल्ली की प्रमुख संस्था टीआइपीएस के आलावा अन्य तीन-चार कंपनी के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर दुनियाभर में आधुनिक शिक्षा और नए-नए रोजगार के क्षेत्र में अपना भाग्य आजमाना चाहिए। समाज के युवाओं के मन में जो बैठाया गया है कि चाहे जितना पढ़ लो, आखरी में खानदानी धंधा या पिता के व्यापार को ही आगे बढ़ाना है। ऐसे विचारों के साथ शिक्षा प्राप्त करना कठिन होता है। आधुनिक शिक्षा आपके वर्तमान व्यापार को नए आयाम देती है और आधुनिक युग के साथ व्यापार करने के नए विचार उत्पन्न करती है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए समाज के सचिव नीरज गुप्ता ने बताया कि युवा संवाद कार्यक्रम समाज प्रमुख आनंद गुप्ता का विचार था। प्रयास होगा कि प्रतिवर्ष इस प्रकार के आयोजन समाज द्वारा आयोजित किए जाते रहे। कैलाश गुप्ता, दीपक, राधेश्याम, प्रशांत, अशोक, राजेंद्र, रवि, अंकित, अमित, रितेश, अभिषेक, प्रीति, संगीता, कमला गुप्ता आदि उपस्थित थे। आभार समाज प्रमुख आनंद गुप्ता ने माना।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local