अमझेरा-धार (नईदुनिया प्रतिनिधि)। धार जिले के अमझेरा वन क्षेत्र में ग्राम कड़दा के निकट वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में शनिवार की शाम को तेंदुआ कैद हो गया है। दरअसल यह तेंदुआ शाम को शिकार के लिए निकला था और इसी दौरान खून से सने कपड़े की गंध और जानवर को खाने की खातिर वह पिंजरे के अंदर पहुंच गया। अब इस तेंदुए को इंदौर भेजा जा रहा है। इसकेबाद उसे जंगल छोड़ा जाएगा।

जिला वन मंडल अधिकारी अक्षय राठौड़ ने बताया कि मंगलवार से ही हमने अलग-अलग पांच स्थानों पर पिंजरे लगा रखे थे। तेंदुए की मूवमेंट लगातार वन क्षेत्र में थी, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ रहा था। ऐसे में शनिवार को जब वह शाम को शिकार के लिए निकला तो इस दौरान पिंजरे केपास आ गया। अंदर प्रवेश करते ही वह कैद हो गया। इसे सुरक्षित रूप से इंदौर भेजा जाएगा। रेस्क्यू टीम द्वारा जो कार्रवाई की गई, उसके कारण उसे पकड़ने में सफलता मिली है। तेंदुए के हमले में 2 साल की बच्ची की मौत हो गई थी।

मनावर मार्ग पर भेरूघाट के जंगल में तेंदुए ने मंगलवार शाम को खेत में खेल रही ग्राम कड़दा की दो साल की बालिका पर परिवार के लोगों के बीच हमला कर दिया था। परिवार के लोगों के शोर मचाने पर तेंदुआ बालिका को छोड़कर भाग गया। बालिका को गंभीर हालत में अमझेरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के बाद धार रेफर किया गया जहां उसकी मौत हो गई।

तेंदुए ने जब बालिका पर हमला बोला, तब आसपास के खेतों में करीब पांच-छह लोग मौजूद थे। ये लोग सोयाबीन की कटाई में व्यस्त थे। आसपास लोगों के मौजूद होने के बाद भी तेंदुआ वहां आ धमका और बालिका पर हमला कर दिया। बालिका के पिता प्रभु इमलियार ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 5ः30 बजे तेंदुए ने खेत में खेल रही बेटी वर्षा पर हमला किया। हम पति-पत्नी खेत में सोयाबीन कटाई का कार्य कर रहे थे। हमले में बालिका बुरी तरह घायल हो गई। मैंने तेंदुए को देखकर हो-हल्ला किया, तो तेंदुआ बालिका को छोड़कर भाग गया। गंभीर घायल वर्षा को उपचार के लिए अमझेरा के स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां डॉ. एके चौधरी ने घायल बालिका का इलाज किया। डॉ. चौधरी ने बताया कि बालिका के गले और छाती पर टांके लगाए हैं। हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए धार रेफर किया था।

चार महीने में तीन बच्चों की तेंदुए के हमले में मौत

तेंदुए के हमले भेरूघाट क्षेत्र में लगातार बढ़ते जा रहे हैं। तेंदुओं की संख्या भी बढ़ती जा रही है। इससे क्षेत्र के लोगों में भय और दहशत का वातावरण बन गया है। मंगलवार को वर्षा सहित चार महीने में तेंदुआ तीन बच्चों पर हमला कर चुका है। इसमें तीनों बच्चों को जान से हाथ धोना पड़ा। मंगलवार को दो साल की मासूस वर्षा को तेंदुए ने शिकार बना लिया जबकि कड़दा में 16 अगस्त को 10 वर्षीय बालक की तेंदुए के हमले में मौत हो गई थी। इसके पूर्व आठ जुलाई को टांडा वन परिक्षेत्र के बावड़ी खोदरा में तेंदुए ने आठ साल के बालक पर हमला किया था। इससे उसकी मौत हो गई थी।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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