टवलाई (नईदुनिया न्यूज)। निमाड़ क्षेत्र के मजदूर काम की तलाश व अधिक मजदूर की चाह में परिवार सहित पड़ोसी राज्य गुजरात पलायन करने लगे हैं। मजदूरों के पलायन से क्षेत्र में मजदूरों की कमी हो गई है। ऐसे में जो स्थानीय मजदूर बचे हैं, वे अधिक मजदूरी की मांग कर रहे हैं। ऐसे में किसानों को अधिक मजदूरी देकर अपना काम करवाना पड़ रहा है।

जिले में महात्मा गांधी रोजगार गांरटी योजना के संचालन के बाद भी हर साल बड़ी संख्या में मजदूर पलायन कर जाते हैं। इसके चलते योजना पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। परिवार के साथ बच्चों के भी पलायन करने से उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। स्कूलों में कम उपस्थिति से यह आंका जा सकता है। मजदूरी पर ही निर्भर लोग परिवार के पालन पोषण के लिए रोजी-रोटी की तलाश और प्रतिदिन काम मिलने के चाह में मालवा और अन्य निकटवर्ती क्षेत्रों से पलायन कर गुजरात जा रहे हैं। सोमवार को यहां से जा रहे मजदूर परिवार के लोगों ने बताया कि अब दीपावली का त्योहार गुजरात में मनाएंगे। दो-तीन माह बाद ही अपने घर लौटेंगे। इस पलायन का असर अब ग्रामीण क्षेत्रों के साप्ताहिक हाट बाजार पर भी देखने को मिलेगा। कम पढे-लिखे होने और जागरूकता की कमी होने से राज्य शासन द्वारा श्रमिकों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी इन गरीब मजदूरों को नहीं मिल पाता है। उन्हें जागरूक करने के लिए ग्राम पंचायतों द्वारा भी पर्याप्त रुचि व ध्यान नहीं दिया जाता है। किसानों ने मजदूरों का पलायन रोकने के लिए शासन के संबंधित विभाग के अधिकारियों से रुचि लेकर श्रमिकों को राज्य शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद की मांग की है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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