सरदारपुर (नईदुनिया न्यूज)। सीखने की कोई उम्र नहीं होती। यदि सीखने की ललक हो तो हर व्यक्ति किसी भी उम्र में सीख सकता है। यह गुंजाइश विद्यार्थियों में ज्यादा होती है। वे ज्यादा अच्छे से सीख पाते हैं। अभी विद्यार्थी इस मुकाम पर है कि आगे क्या करना है। सभी चाहते हैं अपनी जिंदगी में सफल हो।

यह बात शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में रविवार को आयोजित करियर काउंसलिंग में बतौर मुख्य अतिथि तरुणा अखिलेश जोशी धार ने कही। उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता के मंत्र बताए व कई तरह उदाहरण देकर समझाइश दी। उन्होंने कहा कि आप अपने जीवन में जो भी बनना चाहते हो, तो लक्ष्‌य का निर्धारण पूरी दृढ़ इच्छा से करें। आयोजन में क्षेत्र के शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के विशेष अतिथि अभिभाषक संघ के अध्यक्ष बीजे उपाध्याय एवं संस्था प्राचार्य जीपी शर्मा मंचासीन थे। छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत की प्रस्तुतियां दी गई। विद्यालय की छात्राओं ने फाग नृत्य की प्रस्तुति दी, जिसकी सभी ने सराहना की। निबंध प्रतियोगिता में श्रेष्ठ स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया गया। मुख्य अतिथि जोशी को विद्यालय परिवार द्वारा स्मृति चिन्ह दिया गया। विशेष अतिथि अभिभाषक संघ अध्यक्ष बीजे उपाध्याय ने धर्म नीति सिद्धांत के संबंध में अपनी बात रखी। संस्था प्राचार्य जीपी शर्मा ने विद्यालय की गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी। अतिथियों ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया। सरदारपुर न्यायालय के न्यायाधीशों ने वाचनालय के लिए छात्राओं को पुस्तकें भेंट की। अपर जिला न्यायाधीश राघवेंद्र भारद्वाज, एमए खान, प्रकाश करकट्टा, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग एक प्रियंका मालपानी, व्यवहार न्यायाधीश वर्ग दो सरिता डावर, अभिजीतसिंह वास्कले, प्रियंका रतोनिया, अभिभाषक केके वैष्णव, आशीष शर्मा, पंकज राठौड़, महिला लायंस क्लब सदस्य, गायत्री परिवार के सदस्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं न्यायालीन कर्मचारी उपस्थित थे। संचालन व्यवहार न्यायाधीश वर्ग एक प्रियंका मालपानी ने किया। आभार विद्यालय परिवार की ओर से राजेंद्र ग्रेवाल ने माना।

Posted By: Nai Dunia News Network

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