दिग्ठान (नईदुनिया न्यूज)। जनभागीदारी के माध्यम से यहां मुक्तिधाम में महाकाल उपवन का निर्माण किया गया है, जो क्षेत्र ही नहीं, दूर-दूर तक चर्चा का विषय बना हुआ है। गत कुछ वर्षों में इसका कायाकल्प हुआ है। उपवन में तीन द्वार सत्यम, शिवम, सुंदरम का निर्माण राजस्थान के पत्थरों से किया गया है, जो देखने में आकर्षक है। करीब 15 हजार से भी अधिक ट्रॉली मिट्टी डालकर परिसर का समतलीकरण किया गया है। जिस पर पौधारोपण कर हरियाली की चादर से श्रृंगारित किया गया है। उपवन में भोलेनाथ की मूर्ति, योग के लिए चिंतन भवन, श्रद्धांजलि सभा गृह एवं ओपन जिम बनाने की योजना है।

उपवन को देखने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मालवा प्रांत गोसेवा संयोजक डॉ. रामगोपाल वर्मा व धार विभाग ग्राम विकास प्रमुख महेश राठौड़ का आगमन हुआ। उपवन समिति ने पुष्प गुच्छ देकर अतिथियों का स्वागत कर उपवन में जारी कार्य गतिविधि से अवगत कराया गया। आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी गई। उपवन अवलोकन पश्चात चर्चा में डॉ. वर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को सौ वर्ष होने को आए हैं। स्थापना से ही स्वयंसेवक कई क्षेत्रों में कार्य कर रहा है। महाकाल उपवन में जनभागीदारी का जो कार्य देखने को मिला है, वह निश्चित ही प्रशंसनीय है। राठौड़ ने बताया कि छोटे से स्थान पर बड़े मन से इतना बड़ा काम किया है, जो निश्चित ही पूरे विभाग में चर्चा करने योग्य है। महाकाल उपवन में जनभागीदारी की क्रांति पूरे समाज को प्रेरणा देगी। धार विभाग गोसेवा संयोजक दिनेश कुशवाहा उपस्थित थे। अतिथियों को उपवन एवं यहां हुए कार्य का अवलोकन कराते हुए आगामी कार्य योजना की जानकारी समिति के विनीत मंडलोई ने दी। रवींद्र त्रिवेदी, चिमनलाल सोनी, बहादुर कुशवाह, धर्मेंद्र कुशवाह, सुशील मालक, चेतन मुरमकर, संजय पटेल, राकेश पटेल, जितेंद्र मकवाना उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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