बदनावर (नईदुनिया न्यूज)। मेले हमारी संस्कृति के परिचायक होते हैं। इन मेलों में हमारी परंपरागत संस्कृति के दर्शन होते हैं। हम हमारा जितना ध्यान रखते हैं, उससे कहीं अधिक हमें धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की प्रेरणा के लिए सदैव प्रयत्नशील रहना चाहिए।

उक्त बातें मप्र नागरिक आपूर्ति निगम के उपाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने सोमवार को यहां नगर परिषद द्वारा आयोजित सात दिवसीय बैजनाथ महादेव मेले के शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने जीवन में नीरसता घोल दी है। मेले के आयोजन से ऊर्जा का वातावरण निर्मित होता है। मेले के आयोजन से लोगों में काफी उत्साह दिखाई दे रहा है। कार्यक्रम में विशेष अतिथि कृषि उपज मंडी राजगढ़ के पूर्व अध्यक्ष हर्षवर्धनसिंह दत्तीगांव ने कहा कि सदियों से लगने वाले मेले हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। इस अमूल्य धरोहर को संजोकर रखना हम सब का कर्तव्य है। इसमें लोगों को रोजगार भी मिलता है और छोटे-छोटे दुकानदारों के रोजी-रोटी का साधन होते हैं। कार्यक्रम में दिनेश गिरवाल, मनोज सोमानी, प्रेमचंद परमार, जहांगीर लाला, अक्षय शर्मा, उमेश पाटीदार, सुरेश पटेल, राजेंद्रसिंह पंवार, मनीष गुर्जर आदि उपस्थित थे।

प्रारंभ में अतिथियों ने बैजनाथ महादेव मंदिर में भगवान शंकर की पूजा-अर्चना की। अतिथियों का स्वागत प्रशासक व एसडीएम वीरेंद्र कटारे, विधायक प्रतिनिधि शेखर यादव, मेला अधिकारी व सीएमओ आशा जितेंद्र भंडारी एवं निकायकर्मियों ने किया। संचालन मनोज सोलंकी ने किया। अंत में अतिथियों ने मेले का फीता काटकर विधिवत शुभारंभ किया। गेट पर नारियल फोड़कर मेले में प्रवेश किया तथा मेला स्थल का भ्रमण करते हुए दुकानदारों से रूबरू हुए। इधर, मेले में मंगलवार को बच्चों समेत बड़ों ने खाने-पीने की वस्तुओं का लुत्फ उठाया। कुल्फी, आईस्क्रीम, कचोरी, चाट के साथ ही खिलौने की दुकानें सजने लगी हैं। आधुनिक झूले मेले का आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। 31 मार्च को अमावस्या पर भीड़ जुटेगी। मेले का समापन तीन अप्रैल को होगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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