मनावर (नईदुनिया न्यूज)। प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश भूपेन्द्र नकवाल ने लैंगिक अपराधों से बालको के संरक्षण अधिनियम के दोषी फारुख को 28 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

गांधी नगर में 24 अगस्त 2019 की दोपहर में फारुख अब्दुल निवासी मनावर नाबालिग पीड़िता के घर में छत के रास्ते से घुस गया और छेड़छाड़ कर नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। उस समय वह अपनी मंदबुद्धि बहन के साथ थी। पीड़िता की दादी अपने रिश्तेदार के यहां सगाई कार्यक्रम में ग्राम गणपुर गई थी। दुष्कर्म के बाद फारुख पीड़िता को धमकाकर गया कि यह बात किसी को बताई तो जान से खत्म कर दूंगा। सगाई कार्यक्रम से आने के बाद पीड़िता ने अपनी दादी को घटना के बारे में बताई। पीड़िता के पिता की मृत्यु हो गई थी। उसकी माता ने अपनी दोनों पुत्रियों को छोड़कर अन्य पुरुष से विवाह कर लिया था। इसलिए पीड़िता उसकी मंदबुद्धि बहन के साथ दादी के संरक्षण में रहती है। दादी मजदूरी कर दोनों बहनों का भरण पोषण करती है। घटना की रिपोर्ट दादी ने रिश्तेदारों के साथ मनावर थाने पर दर्ज कराई। थाना मनावर द्वारा घटना के संबंध में अनुसंधान कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अपर लोक अभियोजक बसंत उदासी ने बताया कि न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद आरोपित को दोषी मानते हुए प्रथम अपर एवं सत्र न्यायाधीश भूपेन्द्र नकवाल ने 28 वर्ष की सजा एवं 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अभियोजन की ओर से प्रकरण का संचालन सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी रमेश डामर ने किया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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