राजगढ़-बड़ौदिया (नईदुनिया न्यूज)। प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी भूजल स्तर गिरने के साथ ही ग्राम बड़ौदिया में पेयजल संकट गहराने लगा है। गांव में सभी शासकीय ट्यूबवेल साथ छोड़ चुके हैं। ऐसे में ग्रामीणों को एक किमी दूर स्थित कुएं से पानी लाना पड़ रहा है जबकि कुछ ग्रामीण सात सौ रुपये में निजी टैंकरों से पानी खरीदने को मजबूर हैं। कई ग्रामीणों को पानी के लिए दूर तक की दौड़ लगाकर परेशान होना पड़ रहा है।

भीषण गर्मी में पेयजल संकट गहराने से ग्रामीणों की मशक्कत बढ़ गई है। सुबह-शाम गांव के नजदीक स्थित कुएं से पानी खींचकर प्यास बुझानी पड़ रही है। दूसरी ओर केलीकलां मार्ग स्थित ट्यूबवेल में दो-तीन दिन में एक घंटे का पानी जमा हो रहा है। इससे पशुओं के लिए हौद भरी जा रही है, लेकिन जलसंकट के चलते ग्रामीणों द्वारा उस पानी का उपयोग नहाने-धोने के लिए किया जा रहा हैं। स्मरणीय है कि गत दिनों पीएचई विभाग के एसडीओ नवलसिंह भूरिया ने पेयजल समाधान के लिए तीन ट्यूबवेल में दो-दो अतिरिक्त राड डलवाई थी। साथ ही पंचायत को मोटर डालने के निर्देश दिए थे, लेकिन भूजल स्तर गिरने के कारण अब पानी की किल्लत होने लगी है।

बड़ौदिया में हर वर्ष पेयजल संकट रहता हैं। पिछले वर्ष पांच सौ रुपये में पेयजल टैंकर डलवा रहे थे, लेकिन इस बार डीजल के भाव में वृद्धि होने के कारण सात रुपये प्रति टैंकर पानी खरीदने को ग्रामीण मजबूर हैं।

स्थायी समाधान की ओर पीएचई

गांव बड़ौदिया में बरसों से हो रहे पेयजल संकट को देखते हुए पीएचई विभाग स्थायी समाधान की ओर कार्य कर रहा है। इसके चलते गांव में करीब डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की लागत से जल जीवन मिशन के अंतर्गत पूरे गांव मे पेयजल लाइन बिछाई जाकर घर-घर नल लगाए जाएंगे। साथ ही दो लाख लीटर क्षमता वाली पेयजल टंकी का निर्माण किया जाएगा। गांव से करीब डेढ़ किमी दूर स्थित धोबड़िया तालाब के नजदीक कुएं की खोदाई की जाएगी। इसके बाद पाइप लाइन से पानी पेयजल टंकी में भरकर गांव में प्रदाय किया जाएगा। बहरहाल, टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद संबंधित ठेकेदार द्वारा कुआं खनन के लिए मौका मुआयना किया गया है। जल्द ही कार्य शुरू करने की बात कही जा रही है।

जल्द कार्य शुरू होगा

ग्राम बड़ौदिया की नल-जल योजना की सभी प्रक्रियाएं पूर्ण हो गई हैं। ठेकेदार को वर्कआर्डर जारी कर दिया गया है। जल्द ही कार्य शुरू हो जाएगा। गांव में वैकल्पिक व्यवस्था कर समाधान किया जाएगा। -नवलसिंह भूरिया, एसडीओ, पीएचई विभाग, सरदारपुर

Posted By: Nai Dunia News Network

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