राजगढ़-बड़ौदिया (नईदुनिया न्यूज)। तीन चरणों में होने जा रहे पंचायत चुनाव के आखिरी चरण में क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में चुनाव होगा। राज्य निर्वाचन आयोग से इसकी घोषणा होते ही गांवों में चौपालों पर चुनावी चर्चा शुरू हो गई है। दरअसल, गांवों की बरसों पुरानी समस्याएं कई नए लोगों के लिए जहां मौका लेकर आ गई हैं तो वहीं पुराने लोगों के लिए सिरदर्द बनकर उभरी हैं। हर जगह मूलभूत समस्याएं ही मुद्दा बनकर अभी से उभरने लगी हैं।

ग्राम पंचायत बड़ौदिया पानी की समस्या बरसों पुरानी है। नाली, स्ट्रीट लाइट से लेकर आयुर्वेदिक अस्पताल तक की दिक्कतें भी बनी हुई हैं। 17 वार्ड वाली पंचायत के हजारों रहवासी मूलभूत सुविधाओं से कमी से जूझ रहे हैं।

महिला की जगह इस बार पुरुष को मिलेगा मौका

ग्राम पंचायत बड़ौदिया में पिछला कार्यकाल महिला सरपंच का रहा। इस बार सरपंच पद पर अजजा पुरुष उम्मीदवार रहेगा। पंच के चुनाव में ओबीसी आरक्षण का लाभ बड़ौदिया में नहीं मिल पाया। पंच के कुल 17 वार्ड में से सात पूर्व में पिछड़ा वर्ग के थे, वे अब अनारक्षित हो गए हैं। अजजा के नौ और अजा के लिए एक वार्ड आरक्षित हुआ है। 1758 मतदाता में से 843 पुरुष तथा 915 महिला मतदाता हैं।

वोट सिर्फ उसे, जो वादे नहीं बल्कि काम करेंगे

ग्रामीणों का रुख महज दो दिन के भीतर ही सामने आ गया है। चौपाल से लेकर चाय की दुकान और मंदिरों पर हो रही शाम की बैठकों में पंचायत चुनाव पर ही चर्चा होती है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार वोट काम करने के काबिल व्यक्ति को मिलेगा। गांव की उन्नाति में सहायक और परेशानियों को दूर करने में सक्षम व्यक्ति को ही इस बार सरपंच की कुर्सी पर बैठाने का फैसला होने लगा है। हालांकि अभी उम्मीदवार तय होना बाकी है।

खुद को बता रहे दावेदार

एक तरफ जहां नामांकन फार्म भरने की शुरुआत ही अभी नहीं हुई, लेकिन गांवों में सरपंच पद के दावेदार घूमने लगे हैं। कई युवा अपने आपको सरपंच पद का प्रबल दावेदार बताते हुए जीत की ताल ठोकना शुरू कर चुके हैं।

धरमपुरी ब्लाक में द्वितीय चरण में एक जुलाई को मतदान, आरक्षण की प्रक्रिया पूर्ण

धामनोद। धरमपुरी ब्लाक में पंचायत चुनाव के द्वितीय चरण के अंतर्गत एक जुलाई को मतदान होगा। जिला पंचायत सदस्य व वार्ड क्रमांक 27 अनारक्षित महिला तथा वार्ड क्रमांक 28 अजजा मुक्त रखा गया है। जनपद पंचायत सीईओ जीएस दुबे ने बताया कि जनपद पंचायत के 19 सदस्यों के पद के लिए ग्राम पंचायत पिपलाज, दूधी, सेमल्दा, पीपल्दागढ़ी, सुंद्रैल, कछवान्या, पलासिया व पिपल्याकामिन अजजा मुक्त, गुजरी, चिकट्यावड़, बगवान्या, धेगदा, तारापुर, मेहगांव अजजा महिला, पटलावद व साला अनारक्षित महिला, पगारा व खलबुजुर्ग अनारक्षित मुक्त तथा ग्राम पंचायत बेगन्दा अजा महिला के लिए आरक्षित हुआ है। धरमपुरी तहसील की 51 ग्राम पंचायतों में से 26 में अजजा महिला सरपंच व 25 पुरुष के लिए आरक्षित हुई। 862 पंच वार्ड में अजा के लिए 68, अजजा के लिए 608 व अनारक्षित 186 वार्ड रहेंगे।

सार्वजनिक स्थान से हटाए फ्लेक्स-बैनर

पंचायत चुनाव का बिगुल बजते ही शनिवार को नगर में सार्वजनिक व शासकीय स्थानों पर लगे बोर्ड, पोस्टर, फ्लेक्स, बैनर आदि हटाए गए। नगर परिषद की टीम द्वारा मुख्य मार्ग सहित सभी स्थानों पर उक्त कार्रवाई की गई।

कोरोना ने ग्राम सरकार को दिया 27 माह अधिक कार्यकाल

- पांच साल के लिए चुने गए थे, सात साल तक कुर्सी पर रहे विराजमान

डही (नईदुनिया न्यूज)। कार्यकाल खत्म होने के बाद भी पंचायत चुनाव नहीं होने से पांच साल के लिए चुने गए पंच, सरपंच, जनपद सदस्य, जनपद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, अध्यक्ष आदि सात साल से अधिक समय तक कुर्सी पर विराजमान रहे, जो अंततः अब जाकर भूतपूर्व बनेंगे। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब पांच साल के लिए ग्राम सरकार चुनी गई थी, लेकिन नियत समय पर चुनाव नहीं होने के चलते जिला, जनपद व ग्राम पंचायतों में जनप्रतिनिधियों का 27 माह अधिक कार्यकाल हो गया। खास बात यह है कि 27 माह अधिक कार्यकाल होने के बावजूद जिला व जनपद अध्यक्ष तथा सरपंचों के अधिकार में कोई कटौती नहीं हुई। प्रधान बनाकर उन्हें वित्तीय शक्तियां दी गई। अब जबकि पंचायत चुनाव की तारीख घोषित हो गई है। यह भी स्पष्ट हो गया है कि चुनाव अब नहीं टलने वाले हैं। ऐसे में पंचायत चुनाव लड़ने वाले दावेदारों में सक्रियता बढ़ गई है।

उल्लेखनीय है कि पंचायत चुनाव जनवरी-फरवरी 2015 में संपन्ना हुए थे। ऐसे में जनवरी-फरवरी 2020 की स्थिति में पूरे पांच साल होने पर चुनाव हो जाने चाहिए थे, लेकिन कोरोना की वजह से चुनाव आगे बढ़ते रहे। इसी के चलते पंचायतों में जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल अब तक 27 माह अधिक हो गया है। अब राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

दावेदारों में बढ़ी सक्रियता

चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से दावेदारों की सक्रियता सामने आने लगी है। ऐसे में जल्द ही गांव पंचायत चुनाव के रंग में रंगते नजर आएंगे। गौरतलब है कि पूर्व में दो बार ऐसे मौके आए थे, जब पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने की बात सामने आई थी और इसके चलते प्रशासनिक स्तर पर कई प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली गई थी, लेकिन अंततः चुनाव नहीं हो सके, लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो जाने से प्रशासनिक स्तर पर कवायद शुरू होने के साथ ही जो दावेदार पंचायत चुनाव में अपना भाग्य आजमाएंगे, उनकी भी सक्रियता एकदम से बढ़ गई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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