रिंगनोद (नईदुनिया न्यूज)। गांव में स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ी हुई हैं। पंचायत द्वारा कहीं भी सफाई नहीं करवाई जाती है। शिकायत करने के बावजूद पंचायत के जिम्मेदार इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में मजबूरन ग्रामवासी ही ग्राम की सफाई करने में जुट गए हैं। गांव में कचरा न फैले, इसको लेकर गांव का एक व्यक्ति खुद के खर्च से अब तक 220 जुगाड़ के डस्टबिन ग्रामवासियों को बांट चुका है।

ग्राम के मुकेश भूराजी परवार, केसुराम आयदान सोलंकी व अजय हामड़ ने रोड के आसपास एवं अंदरुनी क्षेत्रों में सफाई की। कचरे को फावड़े से एकत्रित कर अन्यत्र फिकवाया, तो नालियों की सफाई भी की, ताकि बारिश में पानी नालियों से निर्बाध रूप से गुजर सके। केसुराम सोलंकी ने बताया कि करीब छह बार रोड के आसपास सफाई कर चुके हैं। मुकेश परवार ग्रामवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हैं। वे अब तक स्वयं की राशि से पतरे के डिब्बे से बने करीब 220 डस्टबिन ग्रामवासियों को बांट चुके हैं। छोटे बच्चे उनकी सहायता के लिए आगे आए हैं। केसुराम ने बताया कि कई बार पंचायत में लिखित आवेदन दिए, लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला। कई बार रात्रि तीन बजे उठकर नालियों की सफाई की। नालियों से निकला मलबा स्वयं ने उठाया। केसुराम ने बताया कि बीते दिनों भवानी माता मंदिर से लेकर बस स्टैंड, पंचायत भवन के पीछे, मेन चौपाटी तक यहां-वहां बिखरा कचरा फावड़े से एकत्रित कर अन्यत्र फिकवाया। गंदगी से भरी नालियों की सफाई की । सिर्वी समाज मोहल्ले में भी कचरे से भरी नालियों की सफाई करीब 10 से 12 बार कर चुका हूं। इधर, नलों में पानी भी कई दिनों में आता है। कई जगह पाइप लाइन फूटी हुई है।

कर्मचारियों की कमी है

हमारे स्तर से काम कर रहे हैं। कर्मचारियों की कमी है। दो-तीन दिन में अलग-अलग वार्ड में सफाई करवाते हैं। यदि कहीं कमी है तो दिखवाते हैं। -इंद्रजीतसिंह, सचिव, ग्राम पंचायत रिंगनोद

Posted By: Nai Dunia News Network

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