प्रेमविजय पाटिल

धार। नईदुनिया

धार जिले के कुक्षी, बाग, निसरपुर और डही विकासखंड में पंचायत चुनाव के पहले चरण में आइटी के प्रयोग का विशेष नवाचार किया गया। जिला प्रशासन और एसडीएम द्वारा विशेष कम्युनिकेशन प्लान बनाया गया था। इसके लिए चारों विकासखंड के मैप तैयार किए गए और कंप्यूटर पर प्रत्येक मतदान केंद्र प्रदर्शित किया गया। इसमें मैदानी स्तर से पल-पल की जानकारी जुटाई गई। इसे कंप्यूटर पर दर्ज किया गया। इस तरह से यह जानकारी हर पल अपडेट होती रही। कहां पर मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यदि मतदान की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो उसका एक अलग संकेतक बनाया गया था। इससे चारों ब्लाक में मॉनिटरिंग करने की बेहतर व्यवस्था हो सकी। यह कम्युनिकेशन प्लान और परिष्कृत किया जाता है तो निश्चित रूप से यह पूरे प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। जिले के पहले चरण के चुनाव में 863 केंद्र बनाए गए थे। इनकी नब्ज कुक्षी के कंट्रोल में थी।

बता दें कि चारों ही विकासखंड में भौगोलिक परिस्थितियां विपरीत हैं। यहां पहाड़ी वाले इलाके हैं। यहां पर कई तरह की समस्याएं चुनौती बनी रहती हैं। चुनाव के दौरान वारदात होने का डर भी रहता है। विवाद की स्थिति होने जैसी बातें सामने आती हैं। इस तरह से इन सब बातों से सतर्क होने की आवश्यकता रहती है। इस बात की जानकारी को सूचना तकनीक यानी इनफार्मेशन टेक्नोलाजी देने की कवायद की गई। प्रयोग से सब कुछ उपाय किए गए। कलेक्टर डा. पंकज जैन लगातार इस व्यवस्था को संभाल रहे थे। कुक्षी अनुभाग के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी और एसडीएम नवजीवन विजय पवार ने क्षेत्र में यह प्रयोग किया। अपने निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव को आसान बनाने और दुश्वारियों से निपटने के लिए एक व्यवस्था की।

कंट्रोल रूम पर हर जानकारी

- निर्वाचन में पूरी प्रक्रिया निर्धारित गति से चलती रही। और शांति पूर्ण रूप से क्षेत्र में भी मतदान हुआ। इसके लिए सूचना तकनीक का उपयोग किया गया। एक दिन पहले से प्रयोग शुरू कर दिया गया था। जब मतगणना दल अपने-अपने मतदान केंद्र पर पहुंच गए थे तो बकायदा विशेष रूप से तैयार किए गए मैप पर इंगित कर दिया गया। सभी मतदान केंद्र पहुंच गए हैं वहीं जब शनिवार को सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ तो वहां पर कम्युनिकेशन सिस्टम के तहत कंप्यूटर पर मैप के माध्यम से वहां पर ग्रीन बता दिया गया जिससे यह स्पष्ट हो पाया कि मतदान प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस तरह से कुक्षी में बैठे हुए पूरे 4 विकासखंड की मॉनिटरिंग की जा सकी। यदि कहीं पर कोई विवाद की स्थिति बनती है तो उसके लिए भी संकेतक बनाए गए थे। इतना ही नहीं दोपहर 3 बजे बाद कहां पर मतदान चल रहा है। इसका भी विशेष चार्ट बनाया गया था। इसी नक्शे पर यह हरे रंग से संकेत तय किया गया था। इसका आशय था कि मतदान केंद्र पर दोपहर तीन बजे तक मतदान पूरा हो चुका है जबकि जहां पर मतदान की प्रक्रिया दोपहर 3 बजे बाद भी चल रही थी वहां पर लाल रंग का संकेत दिख रहा था। इस तरह से छोटे-छोटे मतदान केंद्र की जानकारी अनुभाग मुख्यालय पर दिखाई दे रही थीं। जो बहुत बेहतर कम्युनिकेशन प्लान और सूचना तकनीक के माध्यम से संभाला था। इस तरह का प्रयोग पूरे जिले में आगामी दो चरणों में भी किया जाता है तो निश्चित रूप से एक बड़ी उपलब्धि होगी क्योंकि कहीं से भी कोई भी मामूली विवाद या असुविधा चुनाव प्रक्रिया में होती या किसी तरह की दिक्कत आती तो वह न केवल अधिकारियों के वायरलेस सेट पर पहुंचती बल्कि अनुभाग में बनाए गए कंट्रोल रूम पर भी दिखाई देती। यह सूचना तकनीक का नवाचार था। साथ ही मानव संसाधन का भी सही प्रबंधन था।

Posted By: Nai Dunia News Network

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