बदनावर (नईदुनिया न्यूज)। प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विशाल अखंड के न्यायालय में लूट की झूठी रिपोर्ट लिखाने के मामले में ग्राम रेशमगारा के दो दोषियों को दो-दो साल के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया गया। अपर लोक अभियोजक बीपीएस पंवार ने बताया कि संजय शांतिलाल पाटीदार एवं प्रकाश छोगालाल पाटीदार दोनों निवासी रेशमगारा को भादंवि की धारा 182, 211, 420 एवं 406 के तहत अपराध में सिद्ध होने पर छह माह से लेकर दो वर्ष तक के सश्रम कारावास से दंडित किया है। ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

अभियोजन पक्ष के अनुसार दोषी बखतगढ़ रोड पर 24 नवंबर 2014 की शाम 7ः30 बजे तीन अज्ञात बाइक सवार व्यक्तियों ने उसके साथ लूटपाट कर झोले में रखे एक लाख 14 हजार रुपये नकदी लूटकर मारपीट करने की मिथ्या सूचना देकर असत्य आधारों पर रिपोर्ट लिखाई थी। जिसका कोई न्याय संगत आधार नहीं था, किंतु अभियुक्तों ने उनके पार्टनरशिप की उक्त राशि का बेईमानीपूर्वक स्वयं को सदोष लाभ पहुंचाने और अन्य व्यक्ति राजेश को सदोष हानि पहुंचाने के आशय से यह राशि आपस में मिलकर अपने पास रख ली तथा पुलिस में अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध लूटपाट करने की झूठी रिपोर्ट लिखाई।

रिपोर्ट में बताया गया था कि घटना दिनांक को वह तथा आरोपित प्रकाश बदनावर अनाज मंडी से सोयाबीन का भुगतान लेकर पाइप खरीदकर गांव रवाना हुए और मार्ग में नागरूंडी मंदिर के पास पहुंचे। जहां पीछे से बिना नंबर की बाइक पर तीन व्यक्ति बैठकर आए और ओवरटेक किया। पीछे बैठे व्यक्ति ने फालिए से उसके दाहिने हाथ में मारा, जिससे वह कट गया और दोनों नीचे गिर गए। उनके रुपये वाला झोला छीनकर बदमाश भाग गए। उन्होंने फोन करके अपने परिचितों को बुलाया। सूचना पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ लूट का प्रकरण दर्ज किया था। विवेचना के दौरान झूठी रिपोर्ट की शंका होने पर दोनों आरोपित से सख्ती से पूछताछ की गई तो उन्होंने किसी प्रकार की लूट नहीं होना स्वीकार किया। इनके पास से उक्त नकद राशि व एक चाकू बरामद किया गया। पूछताछ में ज्ञात हुआ कि यह राशि पार्टनरशिप की थी, जिसे वे बेईमानी से अपने पास रख लेना चाहते थे। इसलिए झूठी रिपोर्ट लिखाई थी। न्यायाधीश ने फैसले में लिखा कि आरोपितों ने मिथ्या इतल्ला देकर अवैध लाभ प्राप्त करने का प्रयास किया। इसमें सहानुभूति अपनाए जाने का कोई औचित्य नहीं है। प्रकरण की परिस्थितियों एवं कारित अपराध की प्रकृति को देखते हुए अभियुक्तों को उक्त कारावास की सजा से दंडित किया जाता है। निर्णय के बाद दोषी को सजा का वारंट बनाकर सजा भुगताए जाने के लिए सब जेल बदनावर भेजा गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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