सुसारी (नईदुनिया न्यूज)। एक तरफ शासन कहता है पौधे लगाएं...वहीं दूसरी तरफ राजस्व की जमीन से पेड़ काटे जा रहे हैं...डूब के गांव कड़माल के डूब से बाहर कुक्षी-बड़वानी पुरानी सड़क पर शुक्रवार रात्रि में सड़क किनारे लगे 200 मीटर के हिस्से में लगभग 40 पेड़ काट दिए गए।

डूब के गांव कड़माल में चिखलदा की ओर जाने वाले पुराने कुक्षी बड़वानी मार्ग पर एक छोटी पुलिया के पास से मुख्य मार्ग के दोनों ओर नीम के पेड़ काट दिए गए जबकि मार्ग के दोनों ओर पांच से छह मीटर की जमीन राजस्व विभाग व लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत आती है। रोड किनारे लगे इन पेड़ों पर लोक निर्माण विभाग कलर करता है। डूब से बाहर के इस मार्ग पर अब न तो राजस्व विभाग का ध्यान है न लोक निर्माण विभाग का ।

साल 2017 में सरदार सरोवर बांध के बनने के बाद डूब में पानी भरने से पांच लाख से अधिक छोटे -बड़े पेड़ पानी भरने से सड़ गए हैं। अभी तक उनकी कटाई के लिए आज तक वन विभाग ने ध्यान नहीं दिया है। वहीं डूब के बाहर जो हरे भरे पेड़ बचे हैं। वह वन माफियाओं द्वारा काटे जा रहे हैं। इस ओर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं है

कड़माल गांव के बड़े नवीन पुल से थोड़ी दूर बाद एक छोटी सी पुलिया के बाद मार्ग के दोनों ओर हरे भरे जो पेड़ जो काटे गए हैं। उसमें नीम के पेड़ अधिक है। वहीं इन पेड़ों को बड़ी मशीनों से काटने के बाद उन्हें छोटे छोटे टुकड़ों में काटा गया है। यह स्थान जहां है वहां अब रात्रि में आवाजाही नहीं के बराबर होती है। ऐसे में इन पेड़ों को रात के अंधेरे में काटा गया है। शनिवार को मौके पर कटे पेड़ नजर आ रहे थे ।

मैं दिखवाता हूं

आपने इस बारे में मुझे अवगत कराया है। सड़क किनारे अगर पेड़ काटे गए है तो मैं देखता हूं कि क्या मामला है।-बी परमार, एसडीओ लोनिवि कुक्षी

हमने छह माह से कोई टीपी जारी नहीं की

सड़क किनारे की जमीन राजस्व विभाग व लोक निर्माण विभाग की आती है। वन विभाग की नहीं। हमने छह माह से कोई भी पेड़ काटने के लिए टीपी यानी अनुमति जारी नहीं की है।-सतोष पाराशर, वन परिक्षेत्र अधिकारी कुक्षी

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Posted By: Nai Dunia News Network

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