जय तापड़िया

बाग (नईदुनिया न्यूज)।

बाग ग्राम पंचायत के सरपंच पद पर सर्वाधिक मत प्राप्त करने वाले धर्मेंद्र बामनिया को शनिवार रात बागवासियों ने घर-घर तिलक, हार-माला पहनाकर मिठाई खिलाई। वहीं धर्मेंद्र रविवार को अगले दिन सुबह से अपने पेशे हम्माली के काम में रोजमर्रा की तरह लग गया। सफलता पर इतराने और घमंड करने वालों को इनका यह कार्य सोचने पर मजबूर कर देता है कि जमीन से जुड़ा होना क्या होता है। बाग की आबादी करीब 12 हजार है। इस आबादी का होने वाला मुखिया चुनाव में बढ़त बनाने के अगले ही दिन बिना किसी संकोच के हम्माल के तौर पर काम करने लग गया तो यह एक मिसाल है।

पंचायत चुनाव में जीत दर्ज कराने वाले तमाम लोगों के लिए यह सबक होगा कि बाग विकासखंड की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत में सर्वाधिक वोट प्राप्त करने वाला प्रत्याशी जमीन से जुड़ा है। शनिवार की रात को बागवासियों के अभिनंदन से अभिभूत धर्मेंद्र के लिए वे क्षण मायने रखते हैं। लेकिन अगले दिन सुबह अपनी दिनचर्या में लग जाना इनका विलक्षणभरा कार्य है। धर्मेंद्र बामनिया को रविवार की सुबह जब लोगों ने बोरा उठाकर ठेलागाड़ी पर डालते और ठेला धकेलकर ले जाते देखा तो हैरान रह गए। इंटरनेट मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।

सांप के भय से मुक्त कर देते हैं धर्मेंद्र

ज्ञात रहे कि धर्मेंद्र अब तक 4 हजार से अधिक सर्प बगैर कोई शुल्क लिए क्षेत्र में पकड़ चुके हैं। लोगों को सर्प के भय से मुक्त रखते हैं। हाल ही में सरपंच पद के लिए अपने जनसंपर्क के दौरान जब निजी स्कूल के बच्चों ने सूचना दी कि मैदान में सर्प निकल आया तो वह जनसंपर्क छोड़ सांप पकड़ने दौड़ पड़े। इसके पूर्व भी शिमला चौपाटी पर अपने समर्थकों की बड़ी भीड़ और जनसंपर्क छोड़कर सदर बाजार के रहवासी घर में सर्प को पकड़ा और जंगल में छोड़ आए।

बामनिया 13 सौ से अधिक मत अपने प्रतिद्वंदी से प्राप्त किए। हालांकि आधिकारिक रूप से सरपंच की घोषणा 14 जुलाई को की जानी है। धर्मेंद्र बामनिया ने चर्चा में कहा कि घर चलाने के लिए हम्माली करनी है। यही मेरा पेशा है और यह रोज का काम है। बाग में मुझे कौन पहचानता था, हम्माली से पहचान मिली है। इसी से व्यवहार जमा है जो सबको अच्छा लगा। रही बात गांव ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, वह ईमानदारी और निष्ठा के साथ गांव के विकास और प्रगति के लिए मन से करूंगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close