धार (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में मानसून की निष्क्रियता के कारण आम आदमी से लेकर किसान परेशान है। मानसून की सक्रियता यदि आगामी कुछ दिनों में नहीं बनती है तो पेयजल संकट भी गहरा सकता है। इन सबके बीच में एक बात यह सामने है कि लोग रूफ वाटर हार्वेस्टिंग यानी छत जल पुनर्भरण के मामले में कतराते हैं। ऐसी स्थिति इसलिए बन रही है क्योंकि लोग इसे बहुत खर्चीला मानते हैं जबकि यह एक अच्छा उपाय है। जिन्होंने इसको अपनाया है, वे आज लाभ ले रहे हैं। इधर 27 जून को शहर में वाटर रिचार्जिंग सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए जनजागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे।

गौरतलब है कि भवन निर्माण के समय नगर पालिका द्वारा 1500 वर्ग फीट से अधिक क्षेत्रफल में भवनों का निर्माण करने पर जल पुनर्भरण सिस्टम लगाने की अनिवार्यता की गई। लोग इस अनिवार्यता का पालन नहीं करते हैं। इसके लिए एक निर्धारित शुल्क जमा करवाया जाता है। बाद में राशि कोई लेने नहीं आता है क्योंकि अधिकांश लोग यह सिस्टम लगाने के लिए तैयार नहीं होते। जिला मुख्यालय पर सैकड़ों ऐसे मकान हैं, जिसमें यह प्रणाली लगाने की आवश्यकता है। वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए जिन लोगों ने सुरक्षा निधि जमाई करवाई है उसमें महज 2% लोग राशि लेने के लिए वापस आते हैं जबकि 98% लोग अपनी राशि लेने के लिए नहीं आते हैं। यह राशि नगरपालिका जब देख लेती है कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पूर्ण कर लिया गया है, तब ही वापस करती है। बकायदा छत का पानी एक सोख्ता गड्ढे के माध्यम से जमीन में उतार दिया गया है। साथ ही उसकी विधिवत प्रणाली का उपयोग किया गया है। निकाय में सुरक्षा निधि के तौर पर 7 हजार से लेकर 12 हजार रुपये तक की राशि जमा कराई जाती है। ये निधि सिस्टम लगाने के बाद लोगों को लौटा दी जाती है।

रूफ रेन वाटर रिचार्जिंग सिस्टम की वर्तमान में पर्यावरणविद और भू वैज्ञानिक भी पैरवी कर रहे हैं। बारिश के पानी के संचयन से जमीन का जल स्तर बनाए रखने की आवश्यकता बताई जा रही है। नगर निकायों ने भी एक निश्चित मापदंड से अधिक बड़े मकानों में इसे अनिवार्य कर दिया है। गत 10 वर्षों में महज 100 लोगों से सुरक्षा निधि जमा कराई गई है। धार जिले में अलग-अलग क्षेत्रों में भू जल स्तर लगातार घट रहा है।

-वाटर रिचार्जिंग सिस्टम लगाने के लिए नियम बने हुए हैं। ये नियमों से अधिक जनजागरूकता और वर्तमान की आवश्यकता का विषय है। हम इसके प्रति गंभीर हैं। 27 जून को शहर में वाटर रिचार्जिंग सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए जनजागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे। इसके बेहतर परिणाम मिलेंगे। अब निर्माण अनुमतियों को जारी करने के बाद प्राथमिकता से रिचार्जिंग सिस्टम की जांच की जाएगी।--निशिकांत शुक्ला, सीएमओ धार

Posted By: Nai Dunia News Network

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