सुसारी (नईदुनिया न्यूज)। सरदार सरोवर बांध में अब महज नौ प्रतिशत पानी बचा है। इसके चलते धार जिले के नर्मदा किनारे बसे कोटेश्वर तीर्थ पर नर्मदा का जलस्तर 114.50 मीटर पर आ गया है। इससे साल 2013 के बाद जून माह में तीर्थ पर प्राचीन अहिल्या घाट का आठवां घाट नजर आने लगा है। घटते जलस्तर से नर्मदा किनारे गांवों व शहरों की पेयजल व्यवस्था पर भी असर पड़ने लगा है। निसरपुर सहित पांच पुनर्वास स्थलों में पेयजल संकट गहरा गया है। यहां टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है।

कोटेश्वर तीर्थ स्थित राम मंदिर के पुजारी जयदेव त्रिवेदी ने बताया कि होलकर राजवंश में महारानी अहिल्या बाई के शासन काल में तीर्थ पर नर्मदा स्नान के लिए प्राचीन पत्थरों से नौ घाट बनाए गए थे, जो पानी में डूबे रहते थे, लेकिन नर्मदा का जलस्तर कम होने से आठवां घाट नजर आने लगा है। कोटेश्वर महादेव के पुजारी महादेव पूरी ने बताया कि साल 2017 में सरदार सरोवर बांध के गेट लगने के बाद भी जून माह के अंतिम दिनों में जलस्तर इतना कम होने की स्थिति नहीं बनी थी।

गंदगी व कीचड़ से अटे पड़े हैं घाट

नर्मदा का जलस्तर कम होने से सबसे बड़ी दिक्कत अब यहां आने स्नान के लिए आने वाले भक्तों को हो रही है, क्योंकि नवमी घाट से पानी काफी दूर चला गया है। कई सालों से साफ-सफाई नहीं होने से प्राचीन अहिल्या घाट पर गाद व गंदगी जमी होने से स्नान करना संभव नहीं है। इससे लोगों को गंदगी व कीचड़ के बीच नर्मदा स्नान करना पड़ रहा है।

नौ प्रतिशत पानी बचा है सरदार सरोवर में

27 जून को गुजरात में बने सरदार सरोवर बांध का जलस्तर 115 मीटर पर आ गया था। इसके चलते अब बांध में 513 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी शेष है। जबकि बांध की कुल जल संग्रहण क्षमता पांच हजार 860 एमसीएम है। ऐसे में अब बांध में महज नौ प्रतिशत पानी बचा है। दूसरी ओर मानसून की देरी के चलते नर्मदा के कमांड एरिया में वर्षा नहीं हो रही है। प्रदेश के ऊपरी बांध ओंकारेश्वर से बिजली उत्पादन भी एक टरबाइन से हो रहा है।

पुनर्वास स्थलों पर टैंकर से पेयजल वितरण

निसरपुर सहित पांच पुनर्वास स्थल की संयुक्त नर्मदा जलप्रदाय योजना के संपवेल से पानी दूर हो गया है। इससे दो की बजाए अब एक विद्युत पंप चल रहा है। ऐसे में पुनर्वास स्थलों पर पानी का संकट गहराने लगा है। चार से छह दिन में पानी मिलने से पेयजल की समस्या गहराने लगी है। लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

टैंकर बढ़ाएंगे

अभी विभाग तीन टैंकरों से पानी दे रहा है। 29 जून से चार टैंकर और बढ़ा रहे हैं, जो अन्य वैकल्पिक स्थानों से पानी भरकर पुनर्वास स्थलों में वितरण करेंगे। संपवेल से पानी दूर चले जाने से पेयजल की स्थिति बिगड़ रही है।-आरवी पारदी, एसडीओ, पीएचई व एनवीडीए निसरपुर

Posted By: Nai Dunia News Network

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