धार (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत प्रवेश को लेकर चिंताजनक स्थिति है। साथ में दस्तावेज के सत्यापन को लेकर कार्य 50% तक ही पूरा हो पाया है जबकि इस कार्य में तेजी आना चाहिए थी। दरअसल कुछ तकनीकी समस्याओं के कारण सत्यापन और प्रवेश संबंधी व्यवस्था में दिक्कत आ रही है। इसमें मार्गदर्शन के लिए भोपाल पत्र लिखा गया है। 30 जून शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत गरीब बच्चों के लिए प्रवेश की प्रक्रिया का अंतिम तारीख है।

जिले में शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत बड़े स्तर पर प्रक्रिया हर साल की जाती है। प्रतिवर्ष उपलब्ध सीट के विरुद्ध अनेक स्कूलों में सीटें खाली रह जाती हैं। इस बार जिले में 791 प्राइवेट स्कूलों में उपलब्ध करीब 7635 सीटों के लिए प्रक्रिया चल रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में अब तक 3903 सीटों पर आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इस तरह से अभी भी 50% सीटों पर आवेदन आए हैं। जबकि लंबे समय से इसको लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। प्रचार -प्रसार किया जा रहा है। लेकिन अभी भी प्रतिशत कम ही है। जिला मुख्यालय और ब्लाक से ज्यादा स्कूल ग्रामीण क्षेत्र में हैं। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त आंकड़ों से चौंका देने वाली बात सामने आई है। धार विकासखंड में प्राइवेट स्कूलों की संख्या 111 है। यहां पर 894 सीटें हैं जिसमें से 674 सीट के लिए आवेदन आ चुके हैं जबकि अभी भी 438 सीट के लिए सत्यापन होना है। नालछा विकासखंड जोकि पूर्ण रूप से आदिवासी बहुल है यहां पर 127 प्राइवेट स्कूलों का संचालन हो रहा है। 1265 सीटें यहां पर हैं। अलबत्ता यहां पर उपलब्ध सीटों के विरुद्ध केवल 500 एडमिशन के लिए आवेदन आए हैं। दस्तावेज सत्यापन केवल 192 विद्यार्थियों का हो पाया है। इसी प्रकार सरदारपुर में 123 स्कूल है जिसमें 1076 सीटें उपलब्ध हैं और 533 आवेदन अभी तक आ चुके हैं। इसमें से 284 के दस्तावेज सत्यापन हो पाए हैं। सबसे बड़ी चुनौती दस्तावेज सत्यापन की है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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