धार-डही (नईदुनिया न्यूज)। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तीन चरण में कार्य करते आ रहे शिक्षकों को इंदौर नगर निगम का चुनाव कराने के लिए शनिवार रात में अचानक आदेश मिला। ऐसे में रविवार को प्रशिक्षण लेने शिक्षक दौड़े-दौड़े धार आए। जहां शासकीय राजा भोज स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सुबह के सत्र में 10ः30 से पीठासीन अधिकारियों को तथा दोपहर के सत्र में दो बजे से मतदान अधिकारी एक को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें डही विकासखंड से करीब 25 उच्चतर माध्यमिक शिक्षकों व्याख्याताओं व सहायक शिक्षकों की ड्यूटी पीठासीन व मतदान अधिकारी-एक के लिए लगाई गई है। अब इन लोगों को यहां से 200 किमी दूर चुनाव कराने के लिए इंदौर जाना होगा। इंदौर जिले में नगर निगम के साथ ही आठ नगर परिषदों के लिए भी चुनाव हो रहे हैं। इसके लिए छह जुलाई को मतदान होगा।

इंदौर में होने वाले चुनाव में धार, बड़वानी व झाबुआ जिले से सैकड़ों कर्मचारियों की अचानक ड्यूटी लगा दी गई। छह जुलाई को होने वाले मतदान के लिए इन्हें ताबड़तोड़ जिला मुख्यालय पर तीन जुलाई को प्रशिक्षण दिया गया। ऐसे में अब तक जो शिक्षक कर्मचारी पंचायत चुनाव में मतपत्र के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया का संचालन करते आ रहे थे, उन्हें अचानक से अब ईवीएम के माध्यम से चुनाव कराना होगा। इनमें कई तो मास्टर ट्रेनर शामिल हैं और कई उत्कृष्ट उमावि के प्रभारी प्राचार्य हैं, जो गत एक महीने से चुनावी कार्य में बंधे हुए हैं। ऐसे में अचानक से दूसरे जिले इंदौर में चुनाव ड्यूटी लगने से कई कर्मचारियों में असंतोष देखा गया है।

जानकारी के अनुसार कोर्ट के आदेश पर आयोग ने इंदौर में केंद्रीय कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी से मुक्त कर दिया है। इसके बाद इंदौर जिले में करीब 1500 कर्मचारियों की और कमी रह गई। इस कमी को पूरा करने के लिए पड़ोसी जिले धार, झाबुआ और बड़वानी से कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। ऐसे में उन्हें ताबड़तोड़़ तीनों जिला मुख्यालय पर तीन जुलाई को प्रशिक्षण दिया गया।

मतदान छह को, लेकिन आज ही रवाना होंगे इंदौर

तीनों जिलों के सभी जनपद मुख्यालयों पर लगभग 12 बजे इंदौर जाने के लिए बसें लगेंगी। जिनकी ड्यूटी इंदौर चुनाव में लगी है, वे समय पर पहुंचे इसके लिए प्रशासन ने रविवार से ही बसों की व्यवस्था की है। ऐसे में अब इन कर्मचारियों को आज रात तक इंदौर पहुंचना होगा। क्योंकि इन्हें पांच जुलाई की सुबह छह बजे सामग्री के लिए बुलाया गया है। निजी वाहन से जाने वालों को भी देर रात में ही निकलना होगा।

मतदान अधिकारी-4 को दिए जा रहे हैं मात्र 250 रुपये

इधर, जिले में तीन चरणों में होने वाले पंचायत चुनाव के तहत दो चरण में मतदान समाप्त हो चुका है। ऐसे में जिन कर्मचारियों की ड्यूटी मतदान अधिकारी नंबर चार के रूप में लगाई गई थी, उन्हें मानदेय के रूप में महज 250 रुपये दिए गए। कर्मचारियों कहना है कि चुनाव कराने के लिए उन्हें निजी वाहन से अन्य ब्लाक मुख्यालय तक जाना पड़ा। साथ ही वे प्रशिक्षण के लिए भी दूसरे ब्लाक गए। कई शिक्षक कर्मचारी ऐसे हैं, जिनकी ड्यूटी तीनों ही चरण में लगा दी गई। ऐसे में कर्मचारियों का कहना है कि खासतौर पर मतदान अधिकारी-4 को बहुत ही कम राशि दी गई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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