बाग (नईदुनिया न्यूज)। क्षेत्र के एक शिक्षक के साथ साइबर धोखाधड़ी करने का अनोखा मामला सामने आया है। पांच दिन में उनके बैंक खाते से तीन लाख 81 हजार 501 रुपये गायब हो गए। शातिर बदमाशों ने उनका बैंक खाता खाली कर दिया। इसमे बड़ी बात यह रही कि शिक्षक को बैंक से राशि डेबिट होने के एसएमएस भी मोबाइल पर नहीं आए।

चुनावी ड्यूटी में शिक्षक से कहा गया कि आपका पोर्ट किया मोबाइल बंद हो जाएगा। शिक्षक इस बात से भयभीत हुआ कि चुनाव के दौरान यदि फोन बंद हो गया तो नौकरी खतरे में पड़ सकती है। इसी बात का बदमाशों ने फायदा उठाया और बातचीत में प्रोसेस के दौरान शिक्षक से ओटीपी लेकर बदमाशों ने धोखाधड़ी की। शिक्षक झांसे में इस वजह से आ गए, क्योंकि इनकमिंग काल की ट्रू-कालर पर जियो केयर लिखा हुआ आ रहा था। तब वे इसे सही समझ बैठे।

यह है पूरा मामला

दरअसल, दो वर्ष पहले पोर्ट की गई सिम को लेकर बदमाशों ने शिक्षक को प्रोसेस नहीं करने पर फोन बंद होने की सूचना दी और ओटीपी लेकर सिम हैंग कर दी। उसी नंबर से यूपीआइ द्वारा बैंक से राशि निकाल ली। आगर हाईस्कूल में पदस्थ उच्च श्रेणी शिक्षक बाग के मनोज पुरोहित ने दो जुलाई को राशि आहरित करने के लिए बैंक अकाउंट देखा तो वे हतप्रभ रह गए। इस बाबत पुरोहित ने बाग थाना प्रभारी को आवेदन देकर जांच की मांग की है। उनके बैंक आफ इंडिया बाग शाखा के खाते से बीती 23 से 27 जून के बीच 11 ट्रांजेक्शन द्वारा तीन लाख 81 हजार पांच सौ रुपये अज्ञात व्यक्ति ने निकाल लिए। यह राशि बदमाश द्वारा अलग-अलग तारीखों में निकाली गई। राशि निकाले जाने का बैंक से मिलने वाला एसएमएस भी नहीं आया। उन्होंने बताया कि धोखाधड़ी के पूर्व तक ट्रांजेक्शन के मैसेज मिलते रहे। इस बाबत जब बैंक से पूछा गया तो उन्होंने भी अनभिज्ञता जाहिर की।

नौ नंबर वाला ट्रांजेक्शन मोबाइल

यूपीआइ खाता से आहरित राशि पर मोबाइल नंबर सर्च किया। बदमाशों ने चालबाजी यह की ट्रांजेक्शन वाले मोबाइल के नौ नंबर ही दिखाई दिए। शिक्षक की समाजसेवी दिलीप जाजू ने सहायता की और ट्रू-कालर पर इस बात का पता लगा लिया कि बदमाश पंचमढ़ी और छत्तीसगढ़ के हैं। बदमाशों से बात भी की गई, लेकिन वे इसे मानने को तैयार नहीं है। इस बाबत एसपी को भी अवगत कराया गया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close