मनावर (नईदुनिया न्यूज)। पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में वर्षा नहीं होने तथा तेज धूप पड़ने से किसान चिंतित हैं। किसानों ने महंगे बीज खरीदकर कम वर्षा में ही बोवनी कर दी थी। ऐसे में कई जगह पौधे बाहर आ गए हैं, जो वर्षा नहीं होने से सूखने की स्थिति में पहुंच गए हैं। शनिवार को दिनभर सूरज के तीखे तेवरों के बाद शाम को मेघ मेहरबान हुए और करीब 20 मिनट तक रिमझिम वर्षा हुई। इससे फसलों को कुछ हद तक राहत मिलेगी, लेकिन तेज वर्षा की अब भी दरकार बनी हुई है। कई जगह यह वर्षा नहीं हुई है।

रविवार को दिनभर धूप-छांव का दौर चलता रहा। इस दौरान दो बार बूंदाबांदी हुई, जिससे लोग उमस से परेशान होते नजर आए। जिन किसान के खेतों के पास तालाब है और नहर जा रही है। साथ ही जिनके खेतों में कुएं, ट्यूबवेल आदि की सुविधा है, ऐसे किसान लाभ की स्थिति में है। जबकि जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा नहीं है वे या तो आसमान की ओर देख रहे या भगवान से जल्द ही वर्षा होने की कामना कर रहे हैं। समृद्ध किसानों के खेतों में जहां फसलें लहलहा रही हैं, तो अन्य खेतों में शीघ्र ही वर्षा नहीं हुई तो फसलों के सूखने की स्थिति पैदा हो सकती है। किसानों का कहना है कि आषाढ़ माह में भी वर्षा नहीं होने से किसान सहित आम लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। जुलाई प्रारंभ होने के बावजूद भी वर्षा नहीं होने से कई किसान बोवनी में भी पिछड़ गए हैं जबकि गत वर्ष जून समाप्त होने तक अधिकांश किसानों ने बोवनी कार्य पूर्ण कर लिया था। कई क्षेत्रों में इस बार अब तक बोवनी की शुरुआत ही नहीं हो पाई है। इस वर्ष अभी तक जून महीने में केवल रिमझिम वर्षा दो बार ही हुई है। यदि शीघ्र ही अच्छी वर्षा नहीं हुई तो कई किसानों की फसलें सूख जाएगी, उन्हें दोबारा बोवनी करने पर मजबूर होना पड़ेगा। बीजों के भाव भी आसमान छू रहे हैं। किसान एक बार तो बीज खरीद सकता है, लेकिन दूसरी बार बीज खरीदने की उसकी हिम्मत नहीं है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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