बदनावर (नईदुनिया न्यूज)। लेबड़-नयागांव फोरलेन पर छोकला स्थित टोल प्लाजा पर गुरुवार रात कृषि उपज मंडी के उड़नदस्ते द्वारा ट्रक को रोककर जांच की गई। मंडी शुल्क चुकाए बिना जा रहे 120 क्विंटल लहसुन ले जाने पर कार्रवाई कर पांच गुना मंडी शुल्क वसूला गया। वैसे मंडी प्रशासन द्वारा एक अप्रैल 2021 से 18 अगस्त तक इस प्रकार से कुल 98 प्रकरण बनाए गए हैं। इनमें 16 लाख 74 हजार 263 रुपये मंडी एवं समझौता शुल्क वसूला गया।

उड़नदस्ते द्वारा ट्रक टीएन34, एए9959 को टोल प्लाजा पर रात 10ः45 पर रोका गया। उसमें 120 क्विंटल लहसुन एवं 120 क्विंटल डालर चना धाकड़ गार्लिक एंड ओनियन जावद (नीमच) का पाया गया, जो सेलम ले जाया जा रहा था। इसमें 102 क्विंटल डालर चना की बिल्टी एवं अनुज्ञा जावरा जिला रतलाम मंडी की बनी हुई पाई गई, किंतु 120 क्विंटल लहसुन परिवहन कर ले जाने के संबंध में कोई दस्तावेज नहीं मिले। इस पर मंडी सचिव रामवीर किरार ने मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए पांच गुना मंडी शुल्क 18 हजार नौ रुपये एवं पांच हजार रुपये समझौता शुल्क वसूला। मंडी सचिव किरार ने बताया कि कृषि उपज मंडी के उड़नदस्ते द्वारा वाहनों की जांच कर बिना मंडी शुल्क चुकाए अवैध रूप से उपज परिवहन कर ले जाने पर एक अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2022 तक कुल 80 प्रकरण बनाए गए थे। इसमें 11 लाख 53 हजार 791 रुपये मंडी शुल्क एवं समझौता शुल्क वसूला गया। इसी प्रकार इसी वर्ष एक अप्रैल से अभी तक साढ़े चार माह में कुल 18 प्रकरण उड़नदस्ते द्वारा बनाए गए हैं। इसमें पांच लाख 20 हजार 472 रुपये शुल्क की वसूली की गई।

मंडी की आय में भी अव्वल

बदनावर की मंडी ए ग्रेड की मानी जाती है। जहां करीब 80 किमी दूरी तक के किसान उपज लेकर मंडी प्रांगण में आते हैं। इसलिए जिले में चाहे सोयाबीन हो या गेहूं या प्याज, लहसुन इनकी आवक जिले में सर्वाधिक बदनावर में ही हुई है। साल 2021-11 में 17 लाख 47 हजार 451 क्विंटल तथा साल 2022-23 में 23 लाख 53 हजार 758 क्विंटल की हुई है। इससे साल 2021-22 में मंडी की कुल आय चार करोड़ सात लाख 76 हजार 936 रुपये एवं साल 2022-23 की जुलाई तक पांच करोड़ 87 लाख 29 हजार 987 रुपये हुई है, जो जिले की अन्य मंडियों की तुलना में सर्वाधिक है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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