धार (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कारम बांध के पानी निकासी से 12 ग्रामों में नुकसान हुआ था। इसका सर्वे कार्य पूरा कर लिया गया है। इसमें 36 हेक्टेयर में फसलों के नुकसान की जानकारी सामने आई है। 6 हेक्टेयर में खेतों की मिट्टी प्रभावित हुई है। यहां बांध से निकले पानी के साथ मिट्टी, कीचड़ और पत्थर बहकर आए हैं। इससे खेतों में व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ है। इस सर्वे के बाद जिला प्रशासन ने करीब 103 किसानों को नौ लाख रुपये की राहत राशि का वितरण कर दिया है। तीन किसानों के खाते नहीं मिल पाए। इधर राहत राशि से असंतुष्ट धरमपुरी विधायक का कहना है कि यह मामूली राहत राशि है। गरीब आदिवासी किसानों का करोड़ों का नुकसान हुआ है। इसलिए पर्याप्त मुआवजा दिया जाए। किसानों को मुआवजे का इंतजार है।

गौरतलब है कि 14 अगस्त को कारम बांध के फूटने की आशंका के चलते में पाल में कट लगाकर पानी की निकासी की गई थी। इस निकासी के पानी के तेज वेग के कारण 12 ग्राम प्रभावित हुए थे। इस पर मुख्यमंत्री के आदेश पर तत्काल ही सर्वे किया गया। चार दिन में हुए सर्वे में नुकसानी की स्थिति स्पष्ट हो गई है। इसमें 106 किसान प्रभावित हुए हैं। दो पशु आवास स्थल व तीन भवन क्षतिग्रस्त होने की जानकारी दी गई है। साथी 24 ईंट-भट्ठों का नुकसान हुआ है। ईंट-भट्टे के संचालकों द्वारा अभी अपने खाते उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। ऐसे में उनके खाते में राशि नहीं डाली जा सकी है।

पीड़ितों को वास्तविक नुकसान से अधिक राशि दी जाए : विधायक मेड़ा

इधर उपरोक्त राहत राशि से धरमपुरी विधायक पांचीलाल मेड़ा ने असहमति जताई है। उन्होंने मांग की है कि तत्काल ही सभी प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया जाए और उनकी वास्तविक नुकसानी से अधिक उनको राशि दी जाए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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