Dhar news: राजगढ़ (नईदुनिया न्यूज)। क्षेत्र की महत्वाकांक्षी रिंगनोद जल समूह योजना के तहत 52 करोड़ रुपये की लागत से 33 गांवों में पानी पहुंचाने की योजना अधर में अटक गई है। दरअसल, करीब 57 प्रतिशत निर्माण के बाद संबंधित कंपनी ने यह कार्य बंद कर दिया है। कंपनी के टेंडर निरस्त करने की कार्रवाई पिछले नौ माह से चल रही है, जो अब भी पूर्ण नहीं हुई है। बहरहाल, इस बार भी गर्मी के दिनों में जल समूह योजना से ग्रामीणों को पेयजल मिलना असंभव दिखाई दे रहा है।

दो साल पहले शुरु हुआ था काम

गौरतलब है कि करीब दो वर्ष पूर्व रायपुर की दो एवं कोलकाता की एक कंपनी द्वारा यह कार्य प्रारंभ किया गया था। शुरुआत में निर्माण कार्य में तेजी देखी गई थी, लेकिन कुछ माह बाद कोरोना काल प्रारंभ हो गया था। खरमोर अभयारण्य क्षेत्र में भी समय पर निर्माण अनुमति नहीं मिलने के कारण कार्य में विलंब हुआ। करीब डेढ़ वर्ष में कंपनी द्वारा 57 प्रतिशत कार्य किया गया। फरवरी में एक ठेकेदार की मौत के बाद कंपनी द्वारा जल निगम भोपाल को मार्च में कार्य बंद करने के लिए आवेदन दिया गया। इसके बाद गत नौ माह से टेंडर निरस्त करने की कार्रवाई चल रही है, जो अब भी पूर्ण नहीं हुई है। अधिकारियों के मुताबिक आगामी एक माह में बेस कार्य पर नए टेंडर जारी किए जाएंगे।

अभी भी लगभग आधा काम बाकी

जल समूह योजना के तहत संबंधित कंपनी द्वारा इंटेकवेल का निर्माण तथा 15 में से 14 स्थानों पर 22 हजार लीटर क्षमता वाली पेयजल टंकियों का निर्माण किया जा चुका है। वहीं क्वीयर वाटर पाइप लाइन सहित 57 प्रतिशत कार्य किया गया है। अतिरिक्त वाटर लाइन सहित अन्य 43 प्रतिशत कार्य शेष है।

लोगों को होगी पेयजल की समस्या

संबंधित कंपनी द्वारा योजना का कार्य बंद कर मार्च 2022 में जल निगम को आवेदन दिया गया था, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के चलते अब भी अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। ऐसे में इस वर्ष भी योजना में शामिल गांवों के ग्रामीणों को गर्मी के दिनों में पेयजल समस्या से जूझना पड़ेगा। बहरहाल, आगामी एक माह में टेंडर निरस्ती की कार्य पूर्ण करने की बात कही जा रही है। इसके बाद कार्य के आधार पर जल निगम द्वारा पुनः टेंडर जारी किए जाएंगे।

इनका कहना है

संबंधित कंपनी द्वारा कार्य बंद कर अनुबंध निरस्ती की मांग की गई है। कार्रवाई भोपाल स्तर पर चल रही है। आगामी एक माह में कार्रवाई पूर्ण हो जाएगी। इसके बाद शेष कार्य के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे।

-जेपी गनोटे, महाप्रबंधक, जल निगम इंदौर

Posted By: Nai Dunia News Network

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