Dhar Panchayat Chunav 2022 Voting: गोपाल माहेश्वरी, डही (नईदुनिया न्यूज)। 21 वीं सदी के इस युग में महिलाओं की आधी आबादी को अब कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता। और जहां महिलाओं की आबादी पुरुषों से अधिक हो तो फिर क्या कहने। शनिवार को डही विकासखंड की 45 ग्राम पंचायत के चुनाव के लिए हुए मतदान में यहां जमकर आदिवासी महिला मतदाताओं का बोलबाला रहा। मतदान के लिए अंचल के आदिवासी ग्रामीण इलाकों से सुखद तस्वीर सामने आई। जहां-तहां झुंडों में बैठी व कतार में लगी महिला मतदाता ही ज्यादा नजर आई। ग्रामीण क्षेत्र में आदिवासी महिलाएं आज भी घुंघट की ओट में ही बाहर निकलती है।

ऐसे में वह मतदान केंद्रों के बाहर कतार में घुंघट की ओट लिए ही खड़ी नजर आई। खास बात यह है कि विकासखंड डही में पुरुषों की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या अधिक है। पूरे 45 ग्राम पंचायतों के 4 पदों के चुनाव की बात करें तो यहां निर्वाचित होकर गांव सत्ता पर महिलाएं ही अधिक काबिज होगी। ऐसे में पहले मतदाता के रूप में महिलाओं ने घुंघट की ओट में ठप्पा लगाया तो अब इन्हीं में से चुनाव लड़कर अधिकांश महिलाएं गांव की सत्ता पर काबिज होगी।

ठेंग्चा में 60 प्रतिशत आबादी महिलाओं की, सरपंच के लिए चुना पुरुष को

नईदुनिया ने क्षेत्र के ग्राम गाजगोटा, जामदा, ठेंग्चा, बोड़गांव, गांगपुर आदि जगह के मतदान केंद्रों का दौरा किया तो यहां पर सुबह से ही चटख रंगों के वस्त्र पहने घुंघट की ओट में महिलाएं मतदाता ही ज्यादा नजर आई। ग्राम ठेंग्चा में तो महिला सशक्तिकरण का जमकर नजारा देखने को मिला। यहां स्थित मतदान केंद्र क्रमांक 139, 140, 141 पर महिलाएं ही महिलाएं नजर आ रही थी। कारण यह भी था कि ठेंग्चा गांव की जनसंख्या 1500 के करीब है और इस गांव में 60 प्रतिशत आबादी महिलाओं की है। लेकिन यहां एक रोचक पहलू यह भी रहा कि जिस गांव में 60 प्रश महिला मतदाता है उस गांव में सरपंच पद का आरक्षण इस बार पुरुष वर्ग को मिला है।

यहां चार पुरुषों के बीच मुकाबला रहा। वही पंचों के 15 में से 1 वार्ड को छोड़कर शेष सभी 14 वार्ड पर पंच पहले ही निर्विरोध हो चुके हैं। ठेंग्चा की एक तस्वीर ने पुराने जमाने की भी याद दिलाई।जब कभी पहले जमाने में घने छायादार पेड़ के नीचे बने ओटले पर पंच बैठकर गांव की समस्या सुनते थे। शनिवार को ग्राम ठेंग्चा में मतदान के लिए आई महिलाएं भी ऐसे ही स्थान पर बैठ गांव सरकार में भागीदार बनी।

विकासखंड में इसलिए है महिलाओं का बोलबाला

विकासखंड की 45 ग्राम पंचायतों में कुल 79 हजार 818 मतदाता हैं।इनमें महिला मतदाताओं की संख्या 40 हजार 37 है जबकि पुरुष मतदाताओं की संख्या 39 हजार 780 है। क्षेत्र में 30 गांव ऐसे हैं जहां जनसंख्या महिलाओं की ज्यादा है। वही उम्मीदवारी के लिहाज से बात की जाए तो डही विकासखंड में जिला पंचायत सदस्य के दो क्षेत्र है और दोनों में ही महिला उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ है। वही जनपद पंचायत सदस्य के लिए विकासखंड में कुल 17 वार्ड आते हैं, इनमें से 10 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हुए हैं।

सरपंची की बात की जाए तो 45 में से 23 ग्राम पंचायत महिलाओं के लिए आरक्षित हुई है। वहीं कई ग्राम पंचायत ऐसी भी है जहां महिलाएं पुरुष के सामने ताल ठोक कर खड़ी हुई और चुनाव लड़ी है। ऐसे में 14 जुलाई को अधिकृत घोषणा के बाद जब गांव की सत्ता संभालने का मौका आएगा तो अंचल में सरपंच, जनपद व जिला पंचायत इन पदों पर महिलाएं ही प्रधान होकर गांव की सत्ता पर काबिज होगी।

पुरुषों के साथ ही बुजुर्गों व पहली बार वोट डाल रहे मतदाताओं में भी रहा उत्साह

इधर अंचल के 141 मतदान केंद्रों पर जहां दिव्यांग मतदाताओं को व्हील चेयर पर बिठाकर मतदान के लिए लाया गया। वही 80 से 90 आयु वर्ग के बुजुर्ग भी वोट डालने पहुंचे थे। साथ ही पहली बार वोट डालने वाले नए मतदाताओं में भी उत्साह रहा। ग्राम जामदा में बानू खरते, रानू खरते, पिंकी- गुटसिंह, रीना चौहान आदि ने पहली बार वोट किया तो ग्राम अतरसुमा में पहली बार वोट डालने पहुंचा श्याम कन्नौज भी उत्साहित नजर आया।

Posted By: Prashant Pandey

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