- दो माह पहले वर्मी कंपोस्ट बनाने की हुई शुरुआत, 20 हजार रुपये की खाद बेची

मनोहर परमार

सिंघाना (नईदुनिया)

गौ संरक्षण, उनके पालन के साथ गौ उत्पादों को व्यवसाय के रूप में उपयोग के लिए 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने पूरे प्रदेश में एक हजार गौ शाला शुरू करने का निर्णय लिया था। सरकार की मंशानुसार ग्राम सिंघाना में गौ शाला शुरू की गई थी। 11 दिसंबर 2019 को निराश्रित गौवंश की देखरेख के लिए प्रदेश की पहली गौ शाला का लोकार्पण हुआ था। सालभर के भीतर ही गौ शाला ने कमाई देनी प्रारंभ कर दी है। पिछले दो माह से यहां वर्मी कंपोस्ट बनाने की शुरुआत की गई है। अभी तक करीब 20 हजार रुपये की खाद की बिक्री कर दी गई है।

उप सरपंच संदीप अग्रवाल ने बताया कि पंचायत द्वारा छह माह में 2.30 हेक्टेयर भूमि पर 27 लाख 62 हजार रुपये की लागत से मां हरसिद्धि गौ शाला का निर्माण किया गया था। प्रदेश में पंचायत द्वारा निर्मित पहली गौ शाला बनाने का गौरव भी सिंघाना को मिला था। इसमें 100 गायों को रखने के लिए शेड, चारा रखने का हॉल तथा एक हेक्टेयर में 6 लाख 56 हजार रुपये की लागत से चरागाह तैयार किया गया था। गौ शाला की देखरेख और व्यवस्था संचालन की जिम्मेदारी उप सरपंच अग्रवाल ने खुद ली थी। इसके बाद सांसद निधि 10 लाख रुपये से बाउंड्रीवॉल, विधायक निधि पांच लाख रुपये से पुलिया निर्माण तथा निर्मल नीर योजना से चार लाख 80 हजार रुपये का कूप निर्माण आदि विकास कार्य कराए गए। गौ शाला में शुरुआत में पांच गाय थीं, वर्तमान में 85 गाय हैं। पंचायत कर्मी देखरेख में सहयोग देते हैं।

एक गाय पर सरकार देती है 20 रुपये, खर्च आता है 100 रुपये

उपसरपंच अग्रवाल ने बताया कि सरकार एक गाय पर खर्च के लिए मात्र रुपये देती है। जबकि गाय के खान-पान और पालन में करीब 100 रुपये प्रतिदिन का खर्चा आता है। वर्तमान में जनसहयोग से काम चलाया जा रहा है, लेकिन शीघ्र ही इसे सरकार की मंशानुसार व्यावसायिक उपक्रम में परिवर्तित किया जाएगा। वर्तमान में 85 गायों में से 10 गाय दूध देने के लिए तैयार हो रही हैं। गौ शाला में स्वच्छता व पर्यावरण को लेकर विशेष ध्यान रखा जाता है। गौ शाला परिसर में नीम के पेड़ यहां का आकर्षक बढ़ाते हैं। उपसरपंच अग्रवाल ने बताया कि शीघ्र ही यहां बगीचा एवं मंदिर का निर्माण किया जाएगा, ताकि परिसर की सुंदरता के साथ लोगों में गायों के प्रति श्रद्धा बढ़ सके।

ऐसे तैयार होता है वर्मी कम्पोस्ट

गौ शाला में पिछले दो माह से वर्मी कम्पोस्ट बनाने की शुरुआत की गई है। शुरुआत में किसानों को खाद का निशुल्क वितरण किया गया, जिससे आमदनी कम हुई है। किसान स्वेच्छा से कुछ भी दे जाते हैं। आगामी दिनों में उत्पादन बढ़ेगा तो उचित मूल्य पर विक्रय किया जाएगा। इससे गौ शाला की आमदनी और बढ़ेगी। वर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए 15 बॉय 4 के 22 होज तैयार किए गए हैं। एक बड़ा गड्ढा खोदा गया है, जिसमें गाय का गोबर डाला जाता है। उसमें प्रतिदिन पानी का छिड़काव करते हैं, ताकि गोबर ठंडा हो जाए। इसके बाद गड्ढे से निकालकर गोबर को होज में डाला जाता है, फिर केंचुए उसके अंदर छोड़े जाते हैं। अभी शुरुआती दौर में केंचुए कम होने से समय अधिक लगता है। समय के साथ केंचुए बढ़ेंगे तो कम समय में खाद का अधिक मात्रा में उत्पादन होगा।

फ़ोटो-

11एसआईएनजी03- सिंघाना स्थित मां हरसिद्धि गौ शाला में गौ वंश के लिए शेड तथा चरागाह का निर्माण किया गया है।

11एसआईएनजी02- सिंघाना स्थित मां हरसिद्धि गौ शाला में यहां होता है वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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