धार(नईदुनिया प्रतिनिधि)। शहर से महज पांच किलोमीटर दूर ग्राम धरावरा के सरकारी कोविड केयर सेंटर में अस्थायी रूप से पदस्थ आयुर्वेदिक डाक्टर घनश्याम जाट को मंगलवार दोपहर में सरकारी दवाई अपने पास रखने की शिकायत पर पकड़ा गया है। वह यहां से दवाई कार में रख कर ले जाने का प्रयास रहा था। दवाई जब्त कर ली गई है। इस मामले में सेंटर पर ही पदस्थ महिला डाक्टर पूर्णिमा के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। दोनों के खिलाफ पुलिस में प्रकरण दर्ज करने के लिए प्रक्रिया की जा रही है।

सीएमएचओ डा. जितेंद्र चौधरी ने बताया कि डा. घनश्याम जाट आयुर्वेदिक चिकित्सक हैं और उनके पास बीएएमएस की डिग्री है। सरकार ने अस्थायी रूप से इन्हें कोविड केयर सेंटर में नियुक्त किया है। डाक्टर जाट ने सेंटर को आवंटित दवाई अपनी कार में रख ली। वहां पर किसी मरीज के स्वजन ने उनको ऐसा करते देख लिया और उसका फोटो खींचकर इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया। इस पर तुरंत ही पंचनामा बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी गई। शिकायत शाखा की टीम पहुंची और मौके से दवाई जब्त की।

उसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट शिवांगी जोशी और उनकी टीम भी ग्राम धरावरा पहुंची। यहां डाक्टर से पूछताछ की गई। डाक्टर जाट अधिकारियों को कार में दवा रखने के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस बीच में लोगों ने अधिकारियों को बताया कि उक्त डाक्टर नालछा में खुद का क्लीनिक चला रहे हैं। नालछा विकासखंड मुख्यालय पर सरकारी दवाखाने से महज कुछ मीटर की दूरी पर उनके क्लीनिक में आयुर्वेदिक चिकित्सक एलोपैथी पद्धति से इलाज करते हैं। तुरंत ही टीम नालछा पहुंची और उनके निजी क्लीनिक और मेडिकल स्टोर पर पड़ताल की गई। वहां पाया गया कि कुछ मरीज जमीन पर लेटे हैं और उनका इलाज चल रहा है।

इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट शिवांगी जोशी ने बताया कि हमें जानकारी मिली कि कोविड सेंटर का डाक्टर दवाई ले जाने का प्रयास कर रहा है। टीम को भेजकर कार्रवाई की है। नालछा में वह एक क्लीनिक चला रहे थे। आयुर्वेदिक डाक्टर होने के बाद भी एलोपैथिक पद्धति से वहां उपचार किया जा रहा था जो कि नियम के विपरीत है। मरीजों को जमीन पर लेटा कर उपचार किया जा रहा था। इनमें से एक कोरोना संक्रमित भी पाया गया। उन्होंने कहा कि अभी हम जांच कर रहे हैं कि उनके क्लीनिक पर जो दवाइयां हैं, वह शासकीय हैं या निजी स्तर की हैं। उनके बैच नंबर आदि का मिलान किया जा रहा है। उसको लेकर विस्तृत जांच चल रही है। वहीं इस मामले में स्टाक आदि की जानकारी नहीं देने व दवाई के बाहर जाने के बारे में कोविड केयर सेंटर में पदस्थ डाक्टर पूर्णिमा के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।

ग्रामीणों ने जताई नाराजगी

डा. जाट के क्लीनिक पर जब कार्रवाई की जा रही थी। इसकी सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए थे। जब प्रशासनिक अमला डा. जाट को नालछा से धार ले जा रहे थे तो नाराज ग्रामीण वाहन के सामने खड़े हो गए। कहने लगे कि डा. जाट को नहीं ले जाएं। ग्रामीणों ने कहा कि डा. जाट के क्लीनिक के कारण सैकड़ों लोगों का यहां इलाज हो रहा है। शासकीय अस्पताल में समय पर डाक्टर भी नहीं मिलते हैं, कोई उपचार भी नहीं करता है। डा. जाट के समझाने पर ग्रामीण माने। देर शाम को ग्रामीण इस मामले में बीएमओ चमनदीप सिंह अरोरा से भी मिले और कार्रवाई को गलत बताया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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