Food Poisoning in Dhar: धार। धामनोद में शुक्रवार को मांगलिक कार्यक्रम में भोजन के बाद 200 से ज्यादा लोग बीमार हो गए। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में दो हजार से अधिक लोग शामिल हुए थे। सुबह भोजन करने के बाद शाम करीब चार बजे लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी। इसके बाद सभी को नजदीक के स्वास्थ्य केंद्रों पर ले जाना पड़ा। देर शाम तक 200 से ज्यादा लोगों के इलाज के लिए पहुंचने से अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। इधर, जिस परिवार के यहां मांगलिक कार्यक्रम था, वे चिंता में पड़ गया। समाज के लोगों ने बताया कि मांगलिक कार्यक्रम में भोजन एक कैटरर्स द्वारा बनाया गया था। नायब तहसीलदार केशवा सोलंकी भी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और मरीजों से हालचाल पूछे। सभी की स्थिति सामान्य है।

सीएचओ की सूझबूझ से बची गर्भवती की जान, नवजात की मौत

राजगढ़ (नईदुनिया न्यूज)। ग्राम जौलाना में सीएचओ की सूझबूझ से पांच माह की गर्भवती महिला की जान बच गई। अधिक पेट दर्द और अन्य समस्या होने के कारण महिला को सरदारपुर रेफर किया गया था, लेकिन महिला और उसके पति द्वारा झोलाछाप से इलाज करवा लिया गया, जिससे उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी।

दरअसल, गुरुवार दोपहर को उप स्वास्थ्य केंद्र जौलाना में मजरा भास्कर नगर निवासी 20 वर्षीय महिला उपचार के लिए पहुंची थी। महिला पांच माह की गर्भवती थी। उसे पेट दर्द के साथ ही अन्य परेशानी हो रही थी। महिला की गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार उपचार के बाद सीएचओ रानी चौधरी ने उसे आशा कार्यकर्ता के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरदारपुर रेफर किया, लेकिन महिला और उसका पति आशा कार्यकर्ता के साथ न जाकर वहां से बिना बताए चले गए। कुछ देर बाद आशा कार्यकर्ता ने सीएचओ को बताया कि महिला ने किसी झोलाछाप से इलाज कराया है। इसके बाद सीएचओ चौधरी ने आशा कार्यकर्ता से कहा कि घर जाकर देख लो। आशा कार्यकर्ता ने घर पहुंचकर देखा तो महिला तड़प रही थी। इस पर उसने सीएचओ रानी चौधरी को मोबाइल पर काल कर सूचना दी। इसके बाद सीएचओ रानी तत्परता से उसके घर गई। इस दौरान महिला बेहोशी की हालत में मिली। जबकि उसका बच्चा आधा बाहर आ गया था।

सीएचओ ने 108 एंबुलेंस के साथ ही बीएमओ को सूचना दी। इसके बाद सीएचओ रानी ने पीपीई किट पहनकर बच्चे को बाहर निकाला एवं 108 एंबुलेंस की मदद से महिला को सरदारपुर भिजवाया। उपचार के बाद महिला की स्थिति ठीक है, लेकिन नवजात की मृत्यु हो गई।

280 महिलाओं को लगाया आयरन सुक्रोस

गौरतलब है कि सीएचओ रानी ने वर्ष 2020-21 में जिले में सर्वाधिक 280 गर्भवती महिलाओं को आयरन सुक्रोस लगाकर एनीमिया से होने वाली मृत्यु से बचाया था। इसके लिए तत्कालीन कलेक्टर डा. पंकज जैन ने उन्हें सम्मानित भी किया था। गत दिनों स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उप स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया था। टीम द्वारा रिकार्ड संधारण को देखकर प्रशंसा भी की गई थी।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close