धार। बरसों बाद गुरुवार शाम राजवाड़ा में राजा-महाराजाओं की परंपरा निभाई गई। पंवार परिवार के सदस्य प्राचीन वेशभूषा में शामिल हुए और पूर्व राजवंश काल के अनुसार समारोह हुआ। इसमें पंवार परिवार के संरक्षक के तौर पर हेमेंद्रसिंह पंवार को गादी पर बैठाया गया। इस आयोजन को देखने के लिए राजवाड़ा चौक पर सैकड़ों लोग जमा हुए थे। वहीं जब वाहनों का काफिला निकला तो प्रमुख मार्गों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।

पंवार परिवार के कुछ सदस्यों ने आयोजन की तैयारियां की थीं। इसमें राजशाही के दौर की परंपरा को निभाया गया है। इसीलिए यह आयोजन लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन गया था। पंवार परिवार के हेमेंद्रसिंह पंवार को संरक्षक के तौर पर राजवाड़ा के दरबार हाल में गादी पर बैठाया गया। इसके पूर्व वे सारे तौर-तरीके पूरे किए गए जो कि कभी राजवंश काल में हुआ करते थे। अब लोकतंत्र लागू है। ऐसे में राजशाही का कोई अस्तित्व ही नहीं है।

आयोजन के प्रति रही उत्सुकता

इस आयोजन को लेकर शहर के लोगों को उत्सुकता रही। हेमेंद्रसिंह पंवार अपने हेप्पी विला स्थित निवास से पूर्व में जो राजवंश के समय महत्वपूर्ण ओहदे पर रहे थे उन परिवार के सदस्यों के साथ राजवाड़ा पहुंचे। जहां उनकी अगवानी की गई और उसके बाद राजवाड़ा के दरबार हाल में समारोह हुआ। करीब एक से डेढ़ घंटे तक यह प्रक्रिया चलती रही। लोग इस आयोजन को देख सके इसके लिए राजवाड़ा पर स्क्रीन लगाकर उस पर प्रसारण किया गया।

इस आयोजन में पंवार परिवार के संग्रामसिंह पंवार सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। वहीं बड़ौदा से आए जितेंद्रसिंह गायकवाड़ भी मौजूद रहे। हालांकि पंवार परिवार के कुछ सदस्य इस आयोजन में शामिल नहीं हुए। इस तरह एक दिलचस्प आयोजन होने से लोगों में उत्सुकता रही और लोगों ने इसे अपनी आंखों से देखा भी। -निप्र

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