मनावर। ग्राम कलवानी में सिर्वी समाज के सतपुड़ा परिवार तथा क्षत्रिय सिर्वी समाज संगठन द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का आयोजन किया गया। रविवार से शुरू हुई कथा 27 फरवरी तक चलेगी। कथा के चौथे दिन कथावाचक पं. सुभाष शर्मा (दत्तीगांव) ने भगवान श्रीकृष्ण जन्म एवं उनकी बाल लीला पर विस्तार से कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि कथा के श्रवण से मनुष्य का कल्याण होता है। इससे जनमानस में भी धर्म का भाव जागरूक होता है। कथा के दौरान पंडाल में श्रोताओं द्वारा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव नाचते-गाते हुए मनाया। कथा के यजमान लक्ष्‌मण धन्नााजी सतपुड़ा हैं। जानकारी समाज के लक्ष्‌मण सर तथा बद्री परिहार ने दी।

पानवा में भागवत कथा समापन पर भंडारा आयोजित

गंधवानी। समीप के ग्राम पानवा के पटेलपुरा में सात दिनी संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन हुआ। कथावाचक पं. प्रवीण शर्मा के मुखारविंद से प्रतिदिन भागवत कथा सुनने के लिए गंधवानी समेत आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बुधवार को कथा का समापन हुआ। बालीपुर धाम के संत योगेश महाराज भी शामिल हुए। उनका लोगों ने पूजन कर आशीर्वाद लिया। आरती के पश्चात भंडारा शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसादी लेकर पुण्य लाभ लिया। योगेश महाराज ने पानवा के श्रीकृष्ण मंदिर व नर्सरी स्थित बालीपुर बाबा के मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की।

बौद्धिक क्षमता, रुचि व व्यक्तित्व कौशल को ध्यान में रखकर करें करियर का चयनः प्राचार्य

डही। शासकीय उत्कृष्ट उमावि में उमंग परामर्श केंद्र प्रारंभ किया गया। प्राचार्य प्रदीपसिंह सस्त्या, मुख्य परामर्शदाता कुंतीलाल डामरे व अंजलि डामोर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उमंग परामर्श केंद्र की स्थापना और उद्देश्यों के बारे में अवगत कराया। प्राचार्य सस्त्या ने कहा कि प्रायः विद्यार्थी कक्षा नौवीं से 12वीं तक की पढ़ाई के दौरान अपना करियर बनाने, विषय का चयन करने, स्कूली शिक्षा पूर्ण करने के उपरांत कॉलेज में प्रवेश लेने, पढ़ाई में लगने वाला व्यय, नौकरियों के अवसर आदि को लेकर पशोपेश में रहते हैं। साथ ही कई विद्यार्थियों में मानसिक व शारीरिक समस्या बनी रहती है। उमंग परामर्श केंद्र में विद्यार्थियों की इन्हीं कठिनाइयों को मार्गदर्शन देकर दूर करने का प्रयास किया जाएगा। शिक्षक इरफान मंसूरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि विद्यार्थी अपनी बौद्धिक क्षमताओं, अपनी रुचि, अपने व्यक्तित्व कौशल को ध्यान में रखकर उनके अनुरूप अपने करियर का चयन करें, तो निश्चित ही भविष्य में उसे सफलता और संतोष मिलने की संभावना रहती है। शिक्षक शांतिलाल गुप्ता, बलराम मालवीया, विजेंद्र डावर, शर्मिला भिड़े, गौरव अलावा आदि उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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