बदनावर (नईदुनिया न्यूज)। ब्लाक में हाल में संपन्ना हुए पंचायत चुनाव के प्रथम चरण में प्रत्याशियों के लिए खर्च की कोई सीमा तय नहीं की गई थी। इसलिए प्रत्याशियों द्वारा बेहिसाब खर्च करने की जानकारी सामने आई है, क्योंकि उन्हें इसका हिसाब किसी को भी नहीं देना था, लेकिन पार्षद पद के प्रत्याशियों को चुनावी खर्च का पाई-पाई का हिसाब देना पड़ रहा है। राज्य निवार्चन आयोग ने आबादी के अनुसार यहां पार्षद पद के लिए निर्वाचन व्यय सीमा 75 हजार रुपये तय की है, लेकिन निर्धारित समय में लेखा व्यय प्रस्तुत नहीं करने पर पार्षद का चुनाव लड़ रहे 38 प्रत्याशियों को रिटर्निंग आफिसर ने सूचना पत्र जारी किए हैं। इससे प्रत्याशियों में हलचल मच गई है।

यहां नगर परिषद में 15 वार्ड में पार्षद पद के लिए 38 उम्मीदवार भाग्य आजमा रहे हैं। इसमें 15 पुरुष एवं 23 महिलाएं शामिल हैं। अप्रत्यक्ष प्रणाली से होने वाले चुनाव के कारण इस बार पहली मर्तबा पार्षद पद के प्रत्याशियों को चुनावी खर्च का लेखा-जोखा प्रस्तुत करना होगा। नगरीय निकाय चुनाव के लिए जिला प्रशासन ने राजनीतिक दलों के चुनाव प्रसार से लेकर खाने-पीने तक की सामग्री की सूची रेट सहित जारी की थी। 22 जून को नाम वापसी के पश्चात प्रत्याशियों को प्रचार-प्रसार के दौरान प्रतिदिन हुए लेखा व्यय प्रस्तुत करने की तिथि 24 जून दी गई थी, लेकिन किसी भी प्रत्याशी ने व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं किया। इसके बाद 28 जून तिथि तय की गई, लेकिन इस दिन भी एक भी प्रत्याशी चुनावी खर्च का लेखा-जोखा लेकर व्यय लेखा टीम के पास नहीं पहुंचा। इस पर मंगलवार को रिटर्निंग आफिसर वीरेंद्र कटारे ने मप्र नगर पालिका निगम अधिनियम के तहत व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं करने पर सभी 38 प्रत्याशियों जिनमें भाजपा, कांग्रेस समर्थित एवं निर्दलीय प्रत्याशी शामिल है, को सूचना पत्र जारी किए हैं। जिसमें व्यय शाखा निर्वाचन को प्रतिदिन हुए खर्च का लेखा समयावधि में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्वाचन आयोग के अनुसार अब तीन जुलाई को व्यय लेखा प्रस्तुत करने की तारीख तय की गई है। उक्त तिथि को प्रस्तुत नहीं करने पर प्रत्याशियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा सकते हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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