बदनावर (धार)। जीवन में अगर कु छ कर गुजरने का जज्बा हो तो व्यक्ति कमियों के बावजूद ना सिर्फ सफलता की ऊंचाइयों को छू लेता है, बल्कि औरों को भी को प्रेरित करता है। कु छ ऐसा ही कि या दिव्यांग शिक्षक संजय शुक्ला। वे दोनों पैर से दिव्यांग हैं। बचपन में दिव्यांगता ने जकड़ लिया था, तो जवानी में कै ंसर जैसे गंभीर बीमारी ने घेर लिया। बावजूद उसके उन्होंने हार नहीं मानी और दोनों पर विजय पाकर बच्चों में भविष्य निर्माण की नींव गढ़ी। वे फिलहाल कानवन शासकीय उमावि विद्यालय में प्राचार्य हैं। वे दिव्यांगों का हौंसला बढ़ा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि उन्हें राज्य शिक्षक होने का गौरव प्राप्त हुआ है।

प्राचार्य संजय शुक्ला ने बताया कि वे शीशु अवस्था में ही पोलियो से ग्रसित हो गए थे। तीन माह की आयु में ही पूरा शरीर पोलियो ग्रस्त हो गया था, परंतु मां की ममता के आगे ईश्वर को भी दाहिने पैर को छोड़कर शेष सभी अंगों को स्वस्थ करना पड़ा। शिशु अवस्था में देखभाल के दौरान ही मां प्रेमलता शुक्ला ने एक शिक्षक की भांति ज्ञान दिया और प्रेरक कहानियां सुनाकर हौसला अफजाई की।

वे कहती थी कि तू आम आदमी की भांति ही सब कार्य कर सके गा। शिक्षक बनकर समाज में व्याप्त कु रुतियों को दूर करने एवं अपनी तरह दिव्यांग बच्चों के लिए एक अच्छा मुकाम हासिल कर आदर्श बनने की सीख दी।

बाद में शिक्षक बने और आज पढ़ाए हुए कई बच्चे विदेशों में भी देश का नाम गौरवांवित कर रहे हैं। वर्ष 2012 में थर्ड स्टेज पर कैंसर जैसी भयावह बीमारी से साहसपूर्वक लड़े तथा इस बीमारी को पराजित किया। आज इस मुकाम पर फिर पहुंचे और लोगों की सेवा करने का जज्बा दोगुना हुआ है।

दिव्यांगता पर लिखा शोध

दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष प्रयास करने की भावना से उन्होंने विशेष शिक्षा में 90 दिवसीय आधारभूत पाठ्यक्रम एवं पोस्ट ग्रेजुएट प्रोफे शनल डिप्लोमा (श्रवण बाधित) उत्तीर्ण की तथा खुद को रिहेबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया में स्पेशल एजुके टर के रुप में पंजीकृत कराया। दिव्यांग बच्चों की शिक्षा आवश्यकताओं को समझने एवं उन्हें शिक्षित करने के लिए शिक्षकों के लिए मप्र भोज मुक्त विश्विद्यालय भोपाल द्वारा संचालित आधार पाठ्यक्रम का अध्ययन कि या। इस विषय पर लघु शोध प्रबंध लिखा।

राज्य स्तर पर मिला सम्मान

शिक्षा विभाग द्वारा राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान, दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन कल्याण विभाग धार द्वारा सम्मान, जिला प्रशासन धार द्वारा बोर्ड परीक्षा 2017 एवं 2018 में 100 प्रतिशत परिणाम देने पर सम्मानित, शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने पर विनय उजाला समूह द्वारा राज्य स्तरीय 'नेशन बिल्डर अवार्ड 2018" प्रदान किया गया। जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह समिति एवं रोटरी क्लब ऑफ धार सेंट्रल सहित अनेक सामाजिक व शैक्षणिक संस्थाओं द्वारा प्राचार्य शुक्ला को सम्मानित कि या जा चुका है।

Posted By: Sandeep Chourey